यूनियन कार्बाइड मामले की स्टेटस रिपोर्ट सरकार ने HC में पेश की
यूनियन कार्बाइड का कचरा पीथमपुर में जलाने को लेकर हाई कोर्ट के निर्देश का पालन करते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार को अपनी स्टेटस रिपोर्ट पेश कर दी। इसमें ट्रायल रन सहित सभी नियम-कायदों का पालन करते हुए पूर्ण कर लिए जाने की जानकारी दी गई।
मुख्य न्यायाधीश सुरेश कुमार कैत व न्यायमूर्ति विवेक जैन की युगल पीठ ने इस रिपोर्ट को रिकॉर्ड पर ले लिया। साथ ही मामले की अगली सुनवाई 30 जून को नियत कर दी गई।
सुनवाई के दौरान राज्य शासन की ओर से साफ किया गया कि पीथमपुर में प्रतिदिन 270 किलोग्राम के हिसाब से यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने की सुविधा है। इस लिहाज से आगामी 72 दिनों में भोपाल स्थित यूनियन कार्बाइड से परिवहन कर लाया गया संपूर्ण कचरा पीथमपुर में विशिष्टीकृत (जला) कर दिया जाएगा।
सुनवाई के दौरान हस्तक्षेप आवेदनकर्ताओं की ओर से भी तर्क रखे गए। एक ने कहा कि 300 मीट्रिक टन कचरा जलाए जाने पर नए सिरे से 900 मीट्रिक टन कचरा पीथमपुर में एकत्र हो जाएगा। सवाल उठता है कि फिर वह तीन गुना कचरा कहां और कैसे जलाएंगे।
एक ने सुझाव दिया कि पीथमपुर का नया कचरा भरूच के नो-मेंन लैंड में डंप करने की व्यवस्था दे दी जाए। हाई कोर्ट ने हस्तक्षेप कर्ताओं को ये सभी सुझाव, दावे-आपत्ति आदि राज्य सरकार के समक्ष रखने स्वतंत्र कर दिया।
सुनवाई के दौरान जनहित याचिकाकर्ता का पक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता नमन नागरथ ने रखा। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता हरप्रीत सिंह रूपराह खड़े हुए।

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