एमपी हाईकोर्ट में नई व्यवस्था, 10 स्पेशल बेंच निपटाएंगी हजारों पेंडिंग मामले
हाईकोर्ट ने लंबित मामलों की संख्या कम करने की नई पहल की है। सीजे संजीव सचदेवा ने लंबित जमानत अर्जियों का निराकरण करने 10 स्पेशल बेंचों का गठन किया है, जो शनिवार को विचार करेंगी। हाईकोर्ट के इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है, जब एक साथ 10 बेंचें सुनवाई करेंगीं।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष डीके जैन की मानें तो मुख्यपीठ में दायर व लंबित जमानत अर्जियों का आंकड़ा करीब 3 हजार है। तीन बेंचें सुनवाई कर रही हैं। बीते मंगलवार को अध्यक्ष जैन और सचिव पारितोष त्रिवेदी ने सीजे से इस पर ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था।
ये जज सुनेंगे जमानत की अर्जियां
एमपी हाईकोर्ट जबलपुरजस्टिस अचल कुमार पालीवाल, जस्टिस प्रमोद कुमार अग्रवाल, जस्टिस देवनारायण मिश्रा, जस्टिस दीपक खोत, जस्टिस अजय कुमार निरंकारी, जस्टिस हिमांशु जोशी, जस्टिस रामकुमार चौबे, जस्टिस रत्नेशचंद्र सिंह बिसेन, जस्टिस बीपी शर्मा और जस्टिस प्रदीप मित्तल।

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