Saturday, 23 August 2025

सिर्फ जयललिता और केजरीवाल ही नहीं, 2014 के बाद इन नेताओं को खानी पड़ी है जेल की हवा

 सिर्फ जयललिता और केजरीवाल ही नहीं, 2014 के बाद इन नेताओं को खानी पड़ी है जेल की हवा

भारतीय राजनीति में भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर आरोपों के तहत कई बड़े नेताओं को जेल की सजा काटनी पड़ी है। 2014 के बाद से अब तक 12 मंत्रियों को विभिन्न मामलों में गिरफ्तार किया गया है, जिनमें से कोई भी बीजेपी-एनडीए से संबंधित नहीं है। इनमें तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, और पश्चिम बंगाल के कई टीएमसी नेता शामिल हैं। हाल ही में गृह मंत्री अमित शाह ने 20 अगस्त 2025 को लोकसभा में एक संविधान संशोधन बिल पेश किया, जिसके तहत यदि कोई प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, या मंत्री 30 दिन से अधिक जेल में रहता है, तो उसे 31वें दिन अपने पद से हटना होगा। सरकार इसे सुशासन और नैतिकता के लिए जरूरी बता रही है, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक प्रतिशोध का हथियार करार दे रहा है।

जयललिता और टीएमसी नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप



तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके नेता जयललिता को 2014 में आय से अधिक संपत्ति के मामले में 21 दिन जेल में बिताने पड़े थे। इस मामले ने उनकी साफ-सुथरी छवि पर गहरा असर डाला। दूसरी ओर, पश्चिम बंगाल की टीएमसी सरकार के मंत्रियों पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगे। सुब्रता मुखर्जी और फिरहाद हकीम को नारदा स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत लेने के आरोप में 11-11 दिन जेल में रहना पड़ा। ज्योति प्रिया मलिक को शिक्षक भर्ती घोटाले में 80 दिन और पार्थ चटर्जी को इसी मामले में 3 साल 27 दिन की सजा काटनी पड़ी। मदन मित्रा को सारदा चिट फंड घोटाले में ठगी के आरोप में 1 साल 9 महीने जेल में रहे। ये मामले पश्चिम बंगाल की राजनीति में भूचाल लाए और ममता बनर्जी की सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया।


No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.