राहु ने बनाया महाभयंकर अशुभ योग
ग्रह गोचर का मानव जीवन पर बड़ा असर पड़ता है। इनका संयोजन भी बेहद प्रभावी होता है। इस समय पाप ग्रह राहु और शनि का अशुभ संयोग बना हुआ है|
ज्योतिषाचार्य ने बताया कि दरअसल, 14 मई को गुरु अतिचारी होकर मिथुन राशि में गोचर करने जा रहे हैं। 12 साल बाद गुरु अतिचारी चाल से चलते हुए मिथुन राशि में पहुंचेंगे। इससे पहले वर्ष 1965 और 1971 में जब भारत पाकिस्तान के बीच युद्ध हुआ था तो उस समय भी गुरु अतिचारी थे।
बनने वाला है अशुभ नवपंचम योग
ज्योतिषाचार्य के अनुसार 18 मई को राहु गोचर करते हुए कुंभ राशि में पहुंच जाएंगे। ऐसे में गुरु और राहु का नवम पंचम योग बनेगा। गुरु और राहु का नवम पंचम योग ज्योतीष दृष्टि से शुभ नहीं माना गया है।
18 मई तक शनि और राहु का पिशाच योग भी बना हुआ है। क्योंकि अभी शनि और राहु मीन राशि में गोचर कर रहे हैं। पिशाच योग ज्योतिष मेंअशुभ योग में से एक माना जाता है।
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, पिशाच योग जब बनता है तो तनाव, आर्थिक समस्या और जन जीवन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ग्रहों के इस स्थिति का असर देश और दुनिया पर युद्ध के रूप में भी दिखाई दे सकता है।

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