बिल्डरों और बैंकों के बीच 'गठजोड़' की जांच जरूरी -सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक अहम फैसला सुनाते हुए कहा कि बिल्डरों और बैंकों के बीच गठजोड़ की जांच जरूरी है। कोर्ट ने सीबीआई को सुपरटेक लिमिटेड के एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम समेत अन्य जगहों पर) में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जांच करने का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
सुप्रीम कोर्ट के समक्ष हजारों फ्लैट खरीदने वालों की याचिकाएं आईं थीं। जिसमें आरोप लगाया कि, उन्होंने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम जैसे इलाकों मेंसुपरटेक और अन्य बिल्डरों के प्रोजेक्ट्स में फ्लैट बुक कराए थे। बुकिंग सबवेंशन स्कीम के तहत की गई थी, जिसमें बैंक बिल्डर को 60-70% लोन की रकम सीधे दे देते थे। लेकिन फ्लैट समय पर नहीं बने और अब बैंक उनसे ईएमआई वसूल रहे हैं, जबकि उन्हें अभी तक फ्लैट का कब्जा नहीं मिला है।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
मामले में शीर्ष न्यायालय ने इसे अशुद्ध गठजोड़ करार दिया और कहा कि यह आम लोगों को धोखा देने का मामला है। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने सीबीआई को निर्देश दिया कि- सुपरटेक प्रोजेक्ट्स में हो रही गड़बड़ियों की प्राथमिक जांच की जाए। वहीं इस मामले में यूपी और हरियाणा के डीजीपी को कहा गया कि वे सीबीआई को डीएसपी, इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल की सूची दें ताकि विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया जा सके।

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