Thursday, 13 March 2025

छत्‍तीसगढ़ मे होली दहन के बाद धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं यहां के लोग

 छत्‍तीसगढ़ मे होली दहन के बाद धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलते हैं यहां के लोग

गांव में सुख-षांति स्थापित हो और सभी के दुख-दर्द दूर हो इसलिए गांव वाले होलीका दहन के बाद धधकते अंगारों पर नंगे पैर चलते है। और देवी कृपा मानते हुए उनके पैरों में कोई भी निषान नहीं होता है। उसके बाद दूसरे दिन उसी राख से होली खेलते है। ये परंपरा पिछले 800 सालों से निभाई जा रही है। साथ ही होली के तीन-चार दिन पहले से ही वहां के युवा और बुर्जुग घेर (डांडिया) खेलते हैं।


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