Thursday, 28 November 2024

नवज्योत बांदीवाडेकर ने अपनी मराठी फिल्म "घराट गणपति" के लिए भारतीय फीचर फिल्म के सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार जीता

 


नवज्योत बांदीवाडेकर ने भारत के 55वें अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) 2024 में अपनी मराठी फिल्म ‘घराट गणपति’ के लिए भारतीय फीचर फिल्म के सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक का पुरस्कार जीता है। यह पुरस्कार बांदीवाडेकर के निर्देशन की शुरुआत के प्रभाव को जाहिर करता है, और उन्हें फिल्म उद्योग में नये और रोमांचकारी विचारों से भरे विशिष्‍ट व्‍यक्ति की श्रेणी में लाता है।


सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम ने आईएफएफआई के इस संस्‍करण के लिए भारतीय फीचर फिल्म के सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक पुरस्कार की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य देश भर में युवा फिल्म निर्माण प्रतिभाओं को पहचान देना तथा भारतीय सिनेमा के विकास में उनके योगदान को मान्यता देना है।


55वें आईएफएफआई के समापन समारोह के दौरान नवजोत बांदीवाडेकर को उनकी मराठी फिल्म ‘घराट गणपति’ के माध्यम से असाधारण कहानी कहने के लिए यह पुरस्कार प्रदान किया गया, जिसमें प्रमाण पत्र और 5 लाख रुपये की नकद राशि शामिल है।


जूरी ने बंदीवाडेकर की इस बात के लिए प्रशंसा की कि उन्होंने परंपरा और आधुनिक संवेदनाओं को जोड़ते हुए एक मार्मिक कथा रची है, जिससे निर्देशक के रूप में उनकी प्रतिभा का प्रदर्शन हुआ है। जूरी ने सराहना करते हुए कहा, "बंदीवाडेकर ने पारिवारिक बंधनों की जटिलताओं को बखूबी दर्शाया है। उनका निर्देशन पारिवारिक जीवन की सूक्ष्मताओं को उजागर करता है, साथ ही दूसरों की भावनाओं से जुड़कर उन्‍हें गहराई से प्रभावित करता है, जिससे यह फिल्म बेहतरीन नये और रोमांचकारी विचारों वाली बन जाती है।"


प्रीव्यू कमेटी द्वारा सुझाई गई सभी पांच फिल्मों की समीक्षा करने के बाद, जूरी ने सर्वसम्मति से बांदीवाडेकर को उनके असाधारण काम के लिए चुना। अपने प्रशस्ति पत्र में जूरी ने ‘घराट गणपति’ की अच्छी तरह से तैयार की गई कहानी और दमदार अभिनय के लिए प्रशंसा की है। जूरी ने अपने प्रशस्ति पत्र में उल्लेख किया है, “यह फिल्म पीढ़ीगत मतभेदों के बीच पारिवारिक एकता के विषय को तलाशती है।”


नवोदित निर्देशक निर्णायक मंडल में छायाकार और निर्देशक संतोष सिवान (अध्यक्ष); अभिनेता, निर्देशक और निर्माता सुनील पुराणिक; फिल्म निर्देशक और पटकथा लेखक शेखर दास; छायाकार और निर्देशक एम. वी. रघु; फिल्म निर्माता, लेखक और संपादक विनीत कनोजिया शामिल हैं।


भारत के फिल्म और कला समुदाय के प्रतिष्ठित पेशेवरों से बनी पूर्वावलोकन समिति ने 117 योग्य प्रविष्टियों में से पांच फिल्मों का चयन किया। ‘भारतीय फीचर फिल्म के सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक’ श्रेणी के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली फिल्मों को देखें।


कुछ दिन पहले गोवा के आईएफएफआई में पीआईबी द्वारा आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नवज्योत बांदीवाडेकर ने कहा, "घराट गणपति विविध मौज-मस्ती और अफरा-तफरी की स्थितियों के माध्यम से परिवार के सभी सदस्यों के बीच आपसी संबंधों की खोज करती है।

No comments:

Post a Comment

Note: only a member of this blog may post a comment.