आज स्वर कोकिला लता मंगेशकर की 95वीं जयंती है। 28 सितंबर 1929 को जन्मी इस महान गायिका ने दशकों तक अपनी मनमोहक धुनों से लाखों लोगों को मंत्रमुग्ध किया। 70 वर्षों से अधिक के करियर में उन्होंने कई भाषाओं में 25 हजार से अधिक गाने गाए हैं। भारत रत्न से सम्मानित लता मंगेशकर अपनी विशिष्ट आवाज़ और गायन रेंज के लिए विख्यात थीं। उनका निधन 6 फरवरी 2022 को मुंबई में हो गया था।
लता मंगेशकर ने अधिकतर गाने हिंदी फिल्मों में गाए हैं। 'मेरी सांसों में तू है समाया' से लेकर 'दो पल रुका' तक, लता मंगेशकर ने बॉलीवुड को कई बेहतरीन गीतों से नवाजा। उन्होंने पांच साल की उम्र में ही गायकी शुरू कर दी थी। जब प्रोफेशनली गाना शुरू किया तो सबसे पहला गाना मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ का ‘नाचू या गड़े’ गाया। लता मंगेशकर ने आखिरी बार आमिर खान की ‘फिल्म रंग दे बसंती’ में अपनी आवाज दी। उन्होंने फिल्म का क्लासिक गाना ‘लुका छुपी’ गाया था। इस गाने ने मां-बेटे के रिश्ते को नई परिभाषा दी थी। आज भी लोग अपनी भावना इस गाने के जरिये बयां करते हैं। लता मंगेशकर खाने-पीने की शौकीन बताई जाती थीं। उनके बारे में ये फैक्ट है कि अपनी सुरीली आवाज को बनाए रखने के लिए वह खूब हरी मिर्च खाया करती थीं। सिंगिंग में दिक्कत न आए, इसके लिए वह चुइंग गम भी चबाया करती थीं। जहां तक बात डाइट की है तो लता मंगेशकर को सीफूड बहुत पसंद था। वह पानी-पूरी, हलवे की भी शौकीन थीं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महान गायिका लता मंगेशकर को उनकी जन्म-जयंती पर श्रद्धांजलि दी। प्रधानमंत्री मोदी ने दिवंगत गायिका के साथ अपने संबंधों को याद करते हुए एक लेख भी साझा किया। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट किया- "लता दीदी को उनकी जन्म-जयंती पर याद कर रहा हूँ। अपने भावपूर्ण गीतों के कारण वे हमेशा लोगों के दिल और दिमाग में जीवित रहेंगी। लता दीदी और मेरे बीच एक विशेष रिश्ता था। मुझे उनका स्नेह और आशीर्वाद प्राप्त करने का सौभाग्य मिला है।"

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