Pregnancy: प्रेगनेंसी में उल्टी आना और मतली होना आम माना जाता है. करीब-करीब हर महिला को प्रेगनेंसी के दौरान इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है. इस समय उन्हें मॉर्निंग सिकनेस होती ही है. जिससे इस दौरान कुछ भी खाने से परहेज करने लगती हैं. कुछ महिलाओं की शिकायत होती है कि प्रेगनेंसी (Pregnancy) की शुरुआत में तीन महीने तक खाने का कोई सामान देखने के बाद भी उल्टी जैसी लगती है. आइए जानते हैं क्या ये नॉर्मल है या किसी समस्या की तरफ इशारा...
प्रेगनेंसी में खाने को देखकर उल्टी क्यों आती है
Journals.uchicago.edu में पब्लिश एक शोध के अनुसार, प्रेगनेंसी में महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस होती है. इसके कुछ भायदे भी होते हैं. ये प्रेगनेंट महिला की बॉडी के डिफेंस मैकेनिज्म के तौर पर काम करता है. ऐसे में जो खाना मां और बच्चे के लिए नुकसानदायक होता है, उसके गंध को रिजेक्ट कर देता है. यही कारण है कि खाना देखकर या उसकी खूशबू से उल्टी जैसा फील होने लगता है.
क्या उल्टी और मतली का संबंध मिसकैरेज से
Jamanetwork.com में पब्लिश एक दूसरी स्टडी के अनुसार, ऐसी महिलाएं जिन्हें प्रेगनेंसी के पहले तीन महीने में उल्टी या मतली जैसी समस्या होती है, उनमें मिसकैरेज और स्टिलबर्थ की समस्या काफी कम होती है. मॉर्निंग सिकनेस प्रेगनेंसी में एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो हर महिला को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है.
मॉर्निंग सिकनेस क्या होती है
मॉर्निंग सिकनेस प्रेगनेंट होने के पहले लक्षणों और संकेतों में से एक है. गर्भधारण करने के करीब 6 हफ्ते बाद महिलाओं को मॉर्निंग सिकनेस होता है. कहा जाता है कि मॉर्निंग सिकनेस और मतली के लक्षणों में दूसरी या तीसरी तिमाही तक अपने आप ही सुधार भी आ जाता है. हालांकि, कुछ महिलाओं में ये आगे भी बना रह सकता है. हालांकि, ऐसा एक या दो केस ही होता है. 100 महिलाओं में से किसी एख को ही लंबे समय तक उल्टी-मतली की समस्या होती है, जिसे हाइपरमेसिस ग्रेविडेरम भी कहते हैं.

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