उम्र के 40 की आयु पार करने के बाद आंखों की देखभाल करना ज्यादा जरूरी हो जाता है। 40 वर्ष की उम्र के बाद आंखों में कुछ बदलाव आते हैं और कई बार नजदीक का देखने के लिए भी चश्मा पहनने की आवश्यकता पड़ती है, जिन्हें कंप्यूटर, लैपटाप पर अधिक कार्य करना पड़ता है उनकी आंखों में रूखापन आ जाता है।
इस समस्या से बचने के लिए स्क्रीन टाइम कम करने की कोशिश करें। प्रयास करें कि मोबाइल की स्क्रीन के बजाय बड़ी स्क्रीन का उपयोग हो। दिन में दो-तीन बार आंखों को ठंडे व स्वच्छ पानी से धोएं। यदि आंख में रूखापन आ रहा है तो चिकित्सक की सलाहनुसार लुब्रिकेंट आइड्राप का उपयोग करें। यह आंखों को रूखा होने से बचाएगा। स्क्रीन पर कार्य करने वाले हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर तक देखें। इससे आंखों को आराम मिलेगा।
40 की उम्र के बाद ग्लूकोमा की भी जांच कराएं क्योंकि इसके होने की आशंका हो जाती है, इसलिए तकलीफ नहीं होने पर भी जांच कराते रहें। जिनके परिवार में किसी को मधुमेह, उच्च रक्तचाप आदि रोग है वे वर्ष में एक बार जरूर आंखों की जांच कराएं। यदि किसी को मधुमेह, रक्तचाप या कोई अन्य रोग है तो वह हर छह माह में आंखों की जांच कराएं।
आंख का पर्दा यदि एक बार क्षतिग्रस्त हुआ तो उसे बेहतर बनाने के लिए उपचार करना जरूरी होता है। देखने में यदि किसी भी तरह की समस्या होने लगे तो उसे अनदेखा नहीं करें क्योंकि इससे आंखों की नसों पर जोर पड़ता है और वे क्षतिग्रस्त हो सकती हैं। आंख में किसी भी तरह की दवाई चिकित्सकीय परामर्श के बिना नहीं डालें। घर से बाहर जाएं तो चश्मा लगाकर जाएं। हेलमेट का उपयोग करें और उसका ग्लास लगाकर रखें।

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