अमेरिकी अधिकारी ने शनिवार को कहा कि सालाना G-20 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनुपस्थिति का कारण बताना चीन का दायित्व है।
आयोजन स्थल पर इंडिया की जगह भारत की झलक ज्यादा नजर आई
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में जी-20 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आयोजन स्थल पर सभी राष्ट्र प्रमुखों और मेहमानों स्वागत किया।
इंडिया नहीं, नजर आई भारत की झलक
जी-20 आयोजन स्थल पर इंडिया की जगह भारत की झलक ज्यादा नजर आई। पीएम मोदी ने जब उद्घाटन भाषण दिया, तो उनकी नेम प्लेट पर भी देश के नाम के रूप में ‘भारत’ लिखा था।
बता दें, देश में चर्चा जोरों पर है कि क्या देश का नाम बदलकर ‘भारत’ कर दिया जाए। विपक्ष का आरोप है कि I.N.D.I.A. गठबंधन से डर कर मोदी सरकार ऐसा करने जा रही है। वहीं एक बड़ा पक्ष इसके समर्थन में है और दलील दे रहा है कि हमारे देश का असली नाम भारत ही है।
चीन पर फिर भड़का अमेरिका
भारत में पहली बार आयोजित हो रही जी-20 समिट में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हिस्सा नहीं लिया। उनके स्थान पर चीनी प्रधानमंत्री को भेजा गया।
शी जिनपिंग के शामिल नहीं होने पर अमेरिका गुस्सा है। एक अमेरिकी अधिकारी ने शनिवार को कहा कि सालाना G-20 शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अनुपस्थिति का कारण बताना चीन का दायित्व है।
चीन को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि वह हर जगह विघ्नसंतोषी की भूमिका में रहता है। भारत आकर वह संयुक्त वक्तव्य का विरोध करता, इससे बेहतर है कि जिनपिंग नहीं आए।
चीन की ओर से उनके नहीं आने की कोई खास वजह नहीं बताई गई है, लेकिन जब यह आयोजन शुरू हो रहा था, तब जिनपिंग अपने देश में बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा कर रहे थे। यह बात और है कि वहां पिछले एक महीने से बाढ़ जैसे हालात हैं।

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