भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने फिडे विश्व कप शतरंज टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में टाईब्रेक में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फाबियानो करूआना को 3.5-2.5 से हरा दिया. प्रज्ञानानंद की यह ऐतिहासिक जीत है. दो मैचों की क्लासिकल सीरीज 1-1 से बराबरी पर समाप्त होने के बाद 18 साल के भारतीय प्रज्ञानानंद ने बेहद रोमांचक टाईब्रेकर में अमेरिका के दिग्गज ग्रैंडमास्टर को पछाड़ दिया. अब फाइनल में प्रज्ञानानंद का मुकाबला नॉर्वे के मैग्नस कार्लसन से होगा.
रमेशबाबू प्रज्ञानानंद भारतीय शतरंज ग्रैंडमास्टर हैं. वह भारत के शतरंज के प्रतिभाशाली खिलाड़ी माने जाते हैं. वो महज 10 साल की उम्र में इंटरनेशनल मास्टर बन गए. ऐसा करने वाले वह उस समय सबसे कम उम्र के थे. वहीं 12 साल की उम्र में प्रज्ञानानंद ग्रैंडमास्टर बने. ऐसा करने वाले वह उस समय के दूसरे सबसे कम उम्र के खिलाड़ी थे. अब भारत के चेस फैन्स इस बात की उम्मीद कर रहे होंगे कि वो फाइनल में मैग्नस कार्लसन को रौंद देंगे.
भारत के महान शतरंज खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने ट्विटर पर प्रज्ञानानंद को बधाई देते हुए पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा, ‘प्रैग (प्रज्ञानानंद) फाइनल में पहुंच गया! उसने टाईब्रेक में फाबियानो करूआना को हराया और अब उसका सामना मैग्नस कार्लसन से होगा. क्या शानदार प्रदर्शन है!

No comments:
Post a Comment
Note: only a member of this blog may post a comment.