हिंदू मान्यताओं के मुताबिक, हमारा शरीर पंचतत्व से मिलकर बना हुआ है और इन पंचतत्व में कई धातुएं भी शामिल होती है, जिनका हमारे शरीर पर शुभ और अशुभ प्रभाव होता है। ज्योतिष में चांदी के छल्लों को धारण करने के बारे में विस्तार से जिक्र किया गया है। चांदी के छल्लों को धारण करने से व्यक्ति की कई प्रकार की समस्याओं का निदान हो जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लग्न कुंडली में ग्रहों की स्थिति के अनुसार ही किसी धातु के छल्ले को धारण करना चाहिए। चांदी का छल्ला धारण करने से क्या फायदे हैं और इसे धारण करते समय किन बातों की सावधानी रखनी चाहिए।
चांदी का छल्ला पहनने से लाभ
चांदी को शुक्र और चंद्रमा से संबंधित माना गया है। चांदी धन और वैभव को खींचने का काम करती है। इसे धारण करने से जातक को मानसिक शांति मिलती है। व्यक्ति कई प्रकार के रोगों से बचा जा सकता है। मानसिक तनाव होने पर चांदी जरूर पहनना चाहिए।
इन बातों की रखें सावधानी
-चांदी का छल्ला धारण करते समय इस बात का ध्यान रखें कि इसमें कहीं से भी जोड़ न हो।
-चांदी के छल्ले को हाथ के अंगूठे में ही पहनना चाहिए।
-महिलाओं को बाएं हाथ में चांदी का छल्ला धारण करना चाहिए, वहीं पुरुषों को दाएं हाथ के अंगूठे में पहनना चाहिए।
-चांदी का छल्ला धारण करने से राहु दोष का निवारण होता है।
-चांदी का छल्ला कर्क, वृश्चिक, वृषभ, तुला और मीन राशि के लोगों के लिए शुभ होता है।
-चांदी का छल्ला सोमवार या शुक्रवार के दिन धारण करना चाहिए।

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