Saturday, 6 July 2019

एक अगस्त से 15 नवम्बर तक होगी आर्थिक गणना




मुख्य सचिव सुनील कुमार कुजूर की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में सातवीं आर्थिक गणना की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की पहली बैठक आयोजित की गई। सातवीं आर्थिक गणना एक अगस्त से 15 नवम्बर तक भारत देश के सभी राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों में की जाएगी। छत्तीसगढ़ राज्य के लिए यह तीसरी आर्थिक गणना होगी। मुख्य सचिव ने आर्थिक गणना के दौरान मिली सूचनाओं और जानकारियों का संकलन सावधानीपूर्वक करने के निर्देश दिए हैं।
आर्थिक गणना के दौरान राज्य में स्थित समस्त उद्यमों की गणना की जाएगी। इसके तहत कृषि और गैर कृषि क्षेत्र में सभी प्रतिष्ठानों जोकि वस्तुओं, सेवाओं के उत्पादन या वितरण में लगे है, उनकी गणना की जाएगी। गणना पश्चात् राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय बिजनेस रजिस्टर तैयार किया जाएगा, जिसमें आर्थिक गणना की सभी जानकारी इंद्राज होगी। आर्थिक गणना के दौरान संकलित की गई सूचनाओं, जानकारियों का उपयोग सामाजिक-आर्थिक विकास की योजनाओं को तैयार करने में किया जाएगा। अब तक 1977, 1980, 1990, 1998, 2005 और 2012-13 के वर्षाें के दौरान छः आर्थिक गणनाएं की जा चुकी है।
बैठक में आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के संचालक श्री रजत कुमार ने आर्थिक गणना की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गणना कार्य में लगने वाले कर्मियों को राज्य, जिला और विकासखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा चुका है। बैठक में अपर मुख्य सचिव योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग श्री सी. के. खेतान, प्रमुख सचिव वाणिज्य एवं उद्योग श्री मनोज पिंगवा, सचिव श्रम विभाग श्री सुबोध सिंह, सचिव वित्त विभाग सुश्री शहला निगार, सचिव पंचायत एवं ग्रामीण विकास श्री टी. सी. महावर, विशेष सचिव आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग श्री आर. प्रसन्ना, विशेष सचिव नगरीय प्रशासन श्रीमती अलरमेल मंगई डी, राष्ट्रीय न्यादर्श सर्वेक्षण कार्यालय की उप निदेशक सुश्री कीर्ति गायकवाड़, कॉमन सर्विस संेटर के श्री जय नारायण पटेल सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 

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