Monday, 29 January 2018

अब दो जजों की पीठ लाभ के पद: विधायकों की याचिका पर करेगी सुनवाई

अब दो जजों की पीठ लाभ के पद: विधायकों की याचिका पर करेगी सुनवाई


लाभ का पद मामले में अयोग्य घोषित किए गए आप विधायकों की याचिका पर अब दो जजों की पीठ सुनवाई करेगी। हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सोमवार को सुनवाई दो जजों की पीठ के समक्ष स्थानांतरित कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि अगले आदेश तक आयोग्य घोषित हुए आम आदमी पार्टी के विधायकों से खाली होने वाले विधानसभा की 20 सीटों पर उपचुनाव की घोषणा नहीं हो सकती। आयोग की सिफारिश पर राष्ट्रपति की मंजूरी से आप के 20 विधायकों को आयोग्य घोषित कर दिया गया है।
जस्टिस विभू बाखरू ने सोमवार को आप विधायकों की ओर से दाखिल याचिकाओं को मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष भेज दिया ताकि मामले की सुनवाई के लिए दो जजों की नई पीठ गठित की जाए या फिर किसी मौजूदा पीठ को मामला सौपा जाए। अब इस मामले की सुनवाई मंगलवार को होगी।
शिकायतकर्ता प्रशांत पटेल ने मामले की सुनवाई दो जजों की पीठ के समक्ष कराने की मांग की थी। पटेल की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुदीत मल्होत्रा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि विधायकों को अयोग्य घोषित करने के खिलाफ दाखिल याचिका पर कम से कम दो जजों की पीठ के समक्ष सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार की अधिसूचना को चुनौती देने के लिए आप विधायकों की ओर से दाखिल याचिका को गलत तरीके से एकल पीठ के समक्ष सूचिबद्ध कर दिया गया था। पटेल के इन दलीलों का निर्वाचन आयोग ने भी समर्थन किया।

हालांकि आप विधायकों ने पटेल और आयोग के इन दलीलों का विरोध किया। आप विधायकों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के.वी. विश्वनाथन ने कहा कि मामले की सुनवाई एकल पीठ के समक्ष ही होनी चाहिए। दोनों पक्षों के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हिसाब से इस मामले की सुनवाई दो जजों की पीठ के समक्ष होनी चाहिए। जस्टिस विभू बाखरू ने इस मामले में 24 जनवरी को आयोग्य घोषित किए गए विधायकों को राहत देने से इनकार कर दिया था। विधायकों ने निर्वाचन आयोग की सिफारिश पर राष्ट्रपति की मंजूरी से उन्हें अयोग्य घोषित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी अधिसूचना पर रोक लगाने की मांग की है।

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