Tuesday, 7 April 2020

कोरोना खतरा टला नहीं, क्योंकि संदिग्धों में से महज जांच 3% की हो सकी है


रायपुर ! छत्तीसगढ़ में कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर कई सकारात्मक संकेत अब तक मिले हैं. राज्य में कोविड-19 के अब तक 10 पॉजिटिस केस सामने आए हैं. इनमें से 9 मरीज इस संक्रमण से ठीक हो चुके हैं और उन्हें अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई है. 7 अप्रैल की शाम चार बजे तक प्रदेश में सिर्फ एक कोरोना वायरस से संक्रमित मरीज का इलाज एम्स रायपुर में किया जा रहा था. प्रदेश में कोविड-19 के मिले कुल पॉजिटिव में से 90 फीसदी मरीज ठीक हो चुके हैं, लेकिन क्या इससे प्रदेश में कोरोना के संक्रमण का खतरा टल गया है?

छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने 'प्रदेश में कोरोना वायरस के संक्रमण का खतरा बरकरार है. संदिग्धों के टेस्ट की संख्या बढ़ने पर नए मामले सामने आ सकते हैं.' राज्य सरकार द्वारा पेश किए गए एक आंकड़े के मुताबिक प्रदेश में 70 हजार 456 कोरोना संक्रमण के संदिग्ध लोग होम क्‍वारंटाइन में रखे गए हैं. इसके अलावा सरकार द्वारा बनाए गए क्‍वारंटाइन सेंटर में भी कई लोगों को रखा गया है.
छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण के रोकथाम के लिए राज्य नोडल अधिकारी (होम क्वारंटाइन और मीडिया प्रभारी) डॉ. अखिलेश त्रिपाठी ने बताया कि इसके अलावा सरकारी व्यवस्थाओं में 146 लोग क्‍वारंटाइन में हैं. कुल क्‍वारंटाइन लोगों में 2151 लोग विदेश से छत्तीसगढ़ आने वाले और करीब 60 हजार ऐसे संदिग्ध हैं, जो अधिक संक्रमित प्रदेशों से छत्तीसगढ़ में आए लोग व उनके परिजन, लॉकडाउन के बाद पलायन कर आने वाले मजदूर, बाकी तबलीगी जमात से जुड़े लोग और संदिग्ध मरीजों के संपर्क में आने वाले लोग व उनके परिजन हैं. इनपर कड़ी नजर है. समय समय पर जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम जा रही है. इसके अलावा संदिग्ध मरीजों की पहचान व खोजबीन अब भी जारी है.

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