Thursday, 19 March 2020

मलेरिया मुक्ति से बनेगी कोण्डागांव जिले की नई पहचान


कोण्डागांव ! कोण्डागांव जिले में विगत दो वर्षो में विकास की नई ईबारत लिख रहा है और यह पूरे राष्ट्रीय परिदृष्य में साबित भी हो चुका है बस इसकी निरंतरता को एक जनआंदोलन का स्वरुप देना है ताकि यह जिला न केवल प्रदेष बल्कि संपूर्ण राष्ट्र में एक रोल मॉडल बनकर उभरे।‘‘ उक्त आषय के विचार मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने विगत दिनांक 18 मार्च को जिला कार्यालय के सभागार में व्यक्त किए। उन्होंने ने आगे कहा कि चाहे वह मयूरडोंगर या चारगांव क्लस्टर के विकास कार्य हो या फिर एनआरएलएम की महिला स्व-सहायता समूह को रोजगार के नए क्षेत्रो से जोड़ना हो जिस तरह से यहां कलेक्टर के नेतृत्य में प्रषासनिक टीम ने कार्य किया है वह विषेष रुप से सराहनीय है।

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि गरीबी को समाप्त करने के साथ ही मलेरिया उन्मूलन, सुपोषण, वन-धन आजीविका योजनाओं का सफल क्रियान्वयन राज्य शासन का मुख्य लक्ष्य है। इसके अलावा राज्य शासन के महात्वाकांक्षी कार्यक्रम राम वन गमन पथ को विकसित करने की कार्ययोजना को अमलीजामा पहुंचाने में कोण्डागांव जिले को भी शामिल किया जायेगा। इसके लिए माकड़ी ब्लॉक के आस-पास के क्षेत्रों को पर्यटन हब के रुप में विकसित करने के साथ ही अन्य पर्यटन क्षमताओं को सर्वांगीण विकास होगा।
बैठक में मुख्य सचिव आरपी मण्डल ने कहा कि वर्तमान में राज्य शासन का मुख्य फोकस चार बिन्दुओं में समाहित नजर आ रहा है। जिनमें राज्य को कुपोषण से मुक्ति, वनवासियों की आय में वन-धन योजना द्वारा वृद्धि के साथ उन्हें कौषल विकास से जोड़ना, मलेरिया के खिलाफ जनआंदोलन के द्वारा इस अभिषाप से मुक्ति दिलाना। इस दौरान उन्होंने राम वन गमन मार्ग के 75 स्थलो में शामिल कोण्डागांव के माकड़ी के आस-पास के क्षेत्रों का पर्यटन हब के रुप में विकसित किए जाने एवं जिले के अन्य पर्यटन क्षमताओं का सर्वांगीण विकास किए जाने को प्रेरित किया।

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