Thursday, 9 January 2020

विकास की नीति गांधी जी के विचारों के अनुरूप बनाए: मुख्यमंत्री



रायपुर : मुख्यमंत्री नगर निगम दुर्ग के नवनिर्वाचित महापौर एवं सभापति के कार्यभार ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने महापौर और निगम के पदाधिकारियों को गांधी जी के विचारों पर आधारित विकास नीति बनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शहरी विकास और शहरवासियों के जरूरतों को प्राथमिकता से पूरा करने का लक्ष्य रखे। मुख्यमंत्री ने दुर्ग नगर निगम के नवनिर्वाचित महापौर धीरज बाकलीवाल एवं सभापति राजेश यादव सहित सभी पार्षदों को बधाई और शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भी कोई योजना बनाएं, अंतिम व्यक्ति का चिंतन करें, गरीब और कमजोर आदमी को आपकी नीतियों से किस प्रकार प्रभाव पड़ेगा, आपके लिए रास्ता खुलता जाएगा और निर्णय लेना आसान हो जाएगा, यह महात्मा गांधी जी का संदेश था। उन्होंने दुर्ग शहर के विकास के लिए महापौर एवं उनकी टीम को भी इसी मंत्र को ध्यान में रखकर नीतियां बनाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधोसंरचना से भी महत्वपूर्ण ऐसी नीतियां है, जिससे गरीब को सुख मिले, उसे आर्थिक संबल मिले, वो अपने पैरों पर खड़े हो सके। हमारी सारी नीतियां उन्हीं पर केंद्रित हैं। उन्होंने कहा कि शहरों में मजदूर पूरा समय रोजी मजदूरी में लगा देते हैं, उनके पास समय नहीं होता कि वे अस्पताल जाएं। इसे ध्यान में रखते हुए हमने मुख्यमंत्री शहरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत ईलाज की सुविधा चौखट तक पहुंचाने की व्यवस्था की है, इसके साथ ही हाट बाजारों में हेल्थ कैंप भी शुरू किए है। मुख्यमंत्री नेे अपने चेन्नई प्रवास के बारे में बताया कि मुझसे प्रभु चावला जी ने साक्षात्कार में पूछा कि 2500 रुपए में धान खरीदी, कर्जमाफी इतना सब कैसे कर लिया। मैंने उन्हें बताया कि जब आप प्राथमिकता तय करते हैं तो उसके लिए रास्ता खुल ही जाता है। हमारे लिए स्वीमिंग पुल जैसी अधोसंरचनाओं की तुलना में किसान और मजदूर की बेहतरी ज्यादा मायने रखती है। इसका असर अर्थव्यवस्था पर भी पड़ता है। पूरे देश में मंदी है लेकिन छत्तीसगढ़ में इसका असर नहीं है।

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