Sunday, 22 September 2019

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने से अन्य सेक्टरों में भी आयी तेजी: मुख्यमंत्री



मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पिछले 10 माह के कार्यकाल के दौरान ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए किए गए कार्यो से न केवल लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि जब पूरा देश मंदी के दौर से गुजर रहा है वहां छत्तीसगढ़ में अन्य सेक्टरों में तेजी आयी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल  यहां मोतीबाग स्थित मधुकर स्मृति खेर भवन में रायपुर प्रेस क्लब द्वारा आयोजित प्रेस से मिलिएकार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री बघेल द्वारा प्रदेश के पत्रकारों के हित में लिए गए निर्णय और लागू किए गए नवीन प्रावधानों के लिए प्रेस क्लब द्वारा आभार प्रदर्शन करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे खुशी है कि पिछले 10 माह में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ महतारी की झोली में कुछ महत्वपूर्ण उपलब्धियों को डालने में सफल रही है जिसकी जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। किसानों की कर्ज माफी, 2500 रूपए क्विंटल में धान खरीदी, तेन्दूपत्ता की पारिश्रमिक दर 2500 से बढ़ाकर 4000 रूपए प्रति मानक बोरा करने सहित अनेक ऐसे निर्णय लिए गए है, जिससे लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है साथ ही समाज के सभी वर्गो को आर्थिक विकास में भागीदार बनाने का मार्ग प्रशस्त हुआ है। चहुंमुखी विकास के छत्तीसगढ़ के इस मॉडल ने न सिर्फ प्रदेश के विभिन्न वर्गो को राहत और न्याय दिया है बल्कि राष्ट्रव्यापी आर्थिक मंदी के बढ़ते कदमों को मात देने का काम भी किया है।
        बघेल ने कहा कि देश के प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा जारी आकड़े बताते राज्य में शिक्षित बेरोजगारी दर में कमी और श्रमिक भागीदार में बढ़ोत्तरी हुई है। इसी तरह राज्य सरकार द्वारा छोटे भूखण्डों की खरीदी-बिक्री से रोक हटाने से न केवल खरीदने और बेचने वालों को राहत मिली है बल्कि छोटे और मध्यम परिवारों के लिए घर का सपना साकार हुआ है साथ ही मकानों के बनने से कई लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए है। ऑटोमोबाइल सेक्टर में जहां राष्ट्रीय स्तर पर गिरावट दर्ज की जा रही है वहीं छत्तीसगढ़ में इसमें वृद्धि हुई है।

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