Saturday, 17 August 2019

सरकार के फैसलों से लोगों के जीवन में आया परिवर्तन- मुख्यमंत्री बघेल

 

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा है कि विगत सात महीनों के कार्यकाल में नई सरकार ने अनेक अहम फैसलें लिए हैं। ये फैसले लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने वाला है। किसानों की कर्जमाफी, ढाई हजार प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी, तेंदूपत्ता की खरीदी दर में बढ़ोतरी आदि फैसलों से  आम नागरिकों की क्रय शक्ति बढ़ी है। यही वजह है कि जब देश का आटोमोबाईल सेक्टर मंदी के दौर से गुजर रहा है, छत्तीसगढ़ में इस सेक्टर में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ना केवल लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है बल्कि राज्य सरकार ने यहां के नागरिकों के मान-सम्मान और स्वाभिमान बढ़ाने का भी काम किया है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर और सरगुजा विकास प्राधिकरण की कमान स्थानीय विधायकों के पास है। हरेली, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पूजा, तीजा और कर्मा जयंती पर राज्य सरकार द्वारा सार्वजनिक अवकाश देने से लोगों को अहसास हो रहा है कि प्रदेश में पहली बार छत्तीसगढ़ियों की सरकार है। मुख्यमंत्री श्री बघेल आज बस्तर के तोकापाल में वन अधिकार, सुपोषण और ग्राम विकास कार्यशाला को सम्बोधित कर रहे थे।
    मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम में 123 करोड़ 88 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इसमें 68 करोड़ रूपए के विकास कार्यों का लोकार्पण और 55 करोड़ 87 लाख रूपए के विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मंच से 68 करोड़ 57 लाख रूपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा भी की। उन्होंने बस्तर में कुपोषण दूर करने के लिए हरिक नानी बेरा अर्थात खुशहाल बचपन अभियान का शुभारंभ किया। शुभारंभ अवसर पर बच्चों को मूंगफली और गुड़ के लड्डू खिलाए। इसके साथ ही जिला प्रशासन द्वारा आम नागरिकों की सुविधा के लिए शासकीय कार्यालयों में शुरू किए जा रहे ’ मोचो ऑफिस-नगत आफिस’ ब्रोशर का विमोचन किया।
    कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे देश के साथ-साथ प्रदेश में भी कुपोषण एक बड़ी चुनौती है। पिछले अठारह साल में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, लेकिन गरीब और गरीब होते गए। प्रदेश में 37 प्रतिशत लोग कुपोषण के शिकार हैं। हमनें इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कल दंतेवाड़ा में सुपोषित दंतेवाड़ा अभियान और आज यहां बस्तर जिले में हरिक नानी बेरा यानि खुशहाल बचपन अभियान का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि हमारी सबसे बड़ी लड़ाई कुपोषण के खिलाफ है। माताएं कमजोर होंगी, तो बच्चे भी कमजोर होंगे। इसलिए सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आगामी 02 अक्टूबर से पूरे प्रदेश में कुपोषण मुक्ति महाअभियान प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है।

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