Sunday, 10 March 2019

महिला ड्राइवर और कंडक्टर लो-फ्लोर बसों में जल्द नजर आएंगी


महिला ड्राइवर और कंडक्टर लो-फ्लोर बसों में जल्द नजर आएंगी 


राजधानी में चलने वाली लो-फ्लोर बसों में जल्द ही महिला कंडक्टर और महिला ड्राइवर नजर आ सकती हैं। इसके लिए गौरवी (सखी) वन स्टाप क्राइसिस सेंटर और भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड (बीसीएलएल) ने मिलकर प्रयास शुरू किए हैं।
गौरवी सेंटर यहां आने वाली महिलाओं को काउंसलिंग करके मानसिक रूप से तैयार करेगा। जबकि, बीसीएलएल महिलाओं को उनकी रुचि के मुताबिक प्रशिक्षण देगा। इसके बाद उन्हें शहर में विभिन्न रूटों पर चलने वाली लो-फ्लोर में बतौर कंडक्टर और ड्राइवर तैनात किया जाएगा। इससे न सिर्फ उन महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि वे लो-फ्लोर बसों में सफर करने वाली दूसरी महिलाओंं के लिए प्रेरणा स्रोत भी बनेंगी।
गौरवी सेंटर की कॉर्डिनेटर शिवानी सैनी ने बताया कि बीसीएलएल के डिप्टी सीईओ ओपी भारद्वाज ने  महिलाओ को प्रोत्साहित करने के लिए उन्हें कंडक्टर और ड्राइवर का प्रशिक्षण देगा। महिलाओ को ई-रिक्शा उपलब्ध कराने के लिए भी योजना बनाई जा रही है। अब तक पुरुषों का पैसा समझे जाने वाले इस फील्ड में महिलाएं कैरियर बनाएंगी। सैनी ने बताया कि शुरुआत में 40 महिलाओ को प्रशिक्षित कर इस योजना के माध्यम से लाभ दिलाया जाएगा। बीसीएलए के डायरेक्टर केवल मिश्रा का कहना है कि गौरवी के अलावा अगर कोई अन्य संस्था भी महिलाओं को प्रशिक्षण दिलाने के लिए आगे आती है तो उन्हें प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके बाद उनकी क्षमता और रुचि के मुताबिक जिम्मेदारी दी जाएगी।

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