Tuesday, 19 March 2019

आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायतें भाजपा ने की



भारतीय जनता पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से आचार संहिता के उल्लंघन के विभिन्न मामलों की शिकायत करते हुए कार्रवाई की मांग की है। इनमें से एक शिकायत विधायक की बहन को दोबारा सेवा में लेने के आदेश से संबंधित हैं, तो दो शिकायतें विवादित सरकारी अधिकारियों की तैनाती को लेकर हैं।
विधायक की बहन को फिर नौकरी में लेने लिखा पत्र
चुनाव आयुक्त एवं मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से की गई शिकायत में भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि भोपाल मध्य विधानसभा क्षेत्र से विधायक आरिफ  मसूद की बहन सालिमा परवीन केंब्रिज हायर सेकेण्ड्री स्कूल लोअर ईदगाह हिल्स, भोपाल से गए साल तीस जून को सेवानिवृत्त हो गई थीं, लेकिन विधायक  के दबाव और प्रभाव में आकर जिला शिक्षा अधिकारी ने गत 8 मार्च को एक पत्र जारी कर  उन्हें पुन: सेवा में लेने के निर्देश संबंधित शाला के प्राचार्य को  दिए। शिकायत में कहा गया है कि आचार संहिता 10 मार्च से प्रभावी हो चुकी है, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी ने उक्त निर्देश पुरानी तिथि इसी दिन लिखकर जारी किए।
इसका खुलासा कार्यालय के आवक-जावक रजिस्टर और प्यून बुक के अवलोकन से स्पष्ट हो जाता है। पार्टी की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का प्रकरण दजज़् किए जाने की मांग की गई है।
कांग्रेस नेता के भानजे को बनाया थाना प्रभारी
पार्टी की ओर से निर्वाचन आयोग को की गई एक अन्य शिकायत में कहा गया है कि अनिल बामनिया वर्तमान में थाना प्रभारी राजपुर जिला बड़वानी के पद पर पदस्थ हैं। बामनिया धार लोकसभा के कांग्रेस पार्टी के नेता और संभावित उम्मीदार गजेन्द्र सिंह राजूखेड़ी के भांजे हैं। बामनिया का पूरा परिवार धार जिले के निसरपुर डही के पाडल्यिा गांव का निवासी है। कांग्रेस सरकार के आते ही बामनिया की पदस्थापना थाना राजपुर जिला बड़वानी में कर दी गई।
इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाना प्रभारी का स्वागत किया। बामनिया द्वारा थाना प्रभारी का पद संभालते ही  कांग्रेस नेताओं के इशारे पर भाजपा पार्षद हुकुम राठौर, बिनूबाई दिलवारे के पुत्र शेरा दिलवारे,पार्षद चंदू कुशवाह के भाई विकास एवं भाजयुमो के दीपक सिंगनाथ के भाई विजय सिंगनाथ के विरूद्ध प्रकरण दर्ज किये गये। यही नहीं बामनिया कांग्रेस के पक्ष में काम करने को लेकर भाजपा  कार्यकर्ताओं को खुलेआम धमका रहे हंै । शिकायत में पार्टी ने थाना प्रभारी बामनिया के पद पर रहते निर्वाचन प्रक्रिया के प्रभावित होने की आशंका जताते हुए उन्हें तत्काल हटाने की मांग की गई है।
कांग्रेस नेता के इशारे पर काम कर रहे कलेक्टर
पार्टी की ओर से प्रस्तुत एक और शिकायत में कहा गया है कि सतना कलेक्टर सत्येंद्र सिंह पूर्व में कांग्रेस नेता अजय सिंह के गृह जिले सीधी में एसडीएम रह चुके हैं। उस समय अजय सिंह प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। कलेक्टर सत्येंद्र सिंह ने अजय सिंह के घनिष्ठ संबंध हैं। सतना में पदस्थापना के बाद से ही कलेक्टर सत्येंद्र सिंह कांग्रेस नेता अजय सिंह के इशारे पर काम कर रहे हैं।
वे शासकीय कार्यक्रमों में स्थानीय भाजपा सांसद गणेश सिंह की तो उपेक्षा करते हैं, जबकि अजय सिंह जो न विधायक हैं और न ही सांसद हैं, उन्हें ससम्मान आमंत्रित किया जाता है और कार्यक्रम की अध्यक्षता कराई जाती है। गत 19 फरवरी को मैहर में संत रविदास संस्थान के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रोटोकाल का सरेआम उल्लंघन किया गया।
शिकायत में कहा
शिकायत में कहा गया है कि खुल्लम खुल्ला कांग्रेस पार्टी और उसके नेता अजय सिंह के लिए काम करने वाले अधिकारी का जिला निर्वाचन अधिकारी के रूप में पदस्थ रहना लोकतंत्र की मर्यादा के विरूद्ध है तथा ऐसे व्यक्ति की तैनाती से निर्वाचन कार्य प्रभावित होगा। अत: सतना जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर सत्येन्द्र सिंह को निर्वाचन कार्य से अलग किया जाये।

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