Saturday, 26 January 2019

2019 गणतंत्र दिवस परेड : देश आज 70वां गणतंत्र दिवस, राजपथ पर दिखी देश की ताकत, झांकियों में गांधीजी ने मोहा सबका मन

देश आज 70वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के ध्वजारोहण (झंडा फहराने) के बाद सुबह नौ बजे से गणतंत्र दिवस परेड शुरू होगी। डेढ़ घंटे तक चलने वाली परेड राजपथ से शुरू होकर लाल किले पर समाप्त होगी। मुख्य परेड से जुड़ी हर जानकारी...
राजपथ पर जवानों ने मोटरसाइकिल योग का प्रदर्शन किया।
मोटरसाइकिल पर 9 मोटरसाइकिल के जरिये 33 जवानों ने मिलकर मानव पिरामिड बनाया।
इस साल गणतंत्र दिवस की थीम महात्मा गांधी की 150वीं जयंती से जुड़ी है और कई राज्यों की झाकियां राष्ट्रपिता पर
थी।
16 राज्यों और 6 मंत्रालयों की झांकियों ने लोगों का दिल जीता।
ऊर्जा मंत्रालय की झांकी में महात्मा गांधी के जीवन को दर्शाया गया। इस झांकी में एलईडी बल्ब भी दिखाई दे रहे हैं।
बंगाल की झांकी में गांधीजी और रवींद्रनाथ टेगौर साथ-साथ।
यूपी की झांकी में BHU में गांधीजी की यात्रा को दिखाया गया।
दिल्ली की झांकी में बिरला हाउस दिखाया गया। यहां गांधीजी प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं।
उत्तराखंड की झांकी में दिखे योग और अध्ययन करते लोग। झांकी में महात्मा गांधी की बड़ी प्रतिमा।
कर्नाटक की झांकी में कांग्रेस के बेलगावी सत्र को दिखाया गया। 1924 में हुए इस सत्र में शामिल हुए थे महात्मा गांधी।
गुजरात की झांकी में ऐतिहासिक दांडी यात्रा। सविनय अवज्ञा आंदोलन भी दिखाया।
तमिलनाडु की झांकी में गांधी के पहनावे में बदलाव की कहानी।
पंजाब की झांकी में दिखा जलियावालां बांग, 1919 में हुए इस भीषण नरसंहार को हुए 100 साल।
अरुणाचल की झांकी में गांधीजी की स्वच्छता की झलक दिखाई गई।
गोवा की झांकी में दिखा ओल्ड गोवा का मशहूर चर्च। गांधीजी सर्वधर्म समभाव की भी झलक दिखी।
त्रिपुरा की झांकी में भी दिखे गांधीजी। झांकी में मां त्रिपूरा सुंदरी के दर्शन। झांकी में गांधीजी का अर्थशास्त्र भी दिखाया गया।
अंडमान निकोबार की झांकी में सेलुलर जेल की झलक।
महाराष्‍ट्र की झांकी 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन पर केंद्रित।
सिक्किम की झांकी में खेती और पर्यावरण की झलक।
शुरू हुआ झांकियों का सिलसिला, पहली झांकी सिक्किम की।
दिल्ली की झांकी में बिरला हाउस दिखाया गया। यहां गांधीजी प्रार्थना करते दिखाई दे रहे हैं।
उत्तराखंड की झांकी में दिखे योग और अध्ययन करते लोग। झांकी में महात्मा गांधी की बड़ी प्रतिमा।
कर्नाटक की झांकी में कांग्रेस के बेलगावी सत्र को दिखाया गया। 1924 में हुए इस सत्र में शामिल हुए थे महात्मा गांधी।
गुजरात की झांकी में ऐतिहासिक दांडी यात्रा। सविनय अवज्ञा आंदोलन भी दिखाया।
तमिलनाडु की झांकी में गांधी के पहनावे में बदलाव की कहानी।
पंजाब की झांकी में दिखा जलियावालां बांग, 1919 में हुए इस भीषण नरसंहार को हुए 100 साल।
अरुणाचल की झांकी में गांधीजी की स्वच्छता की झलक दिखाई गई।
गोवा की झांकी में दिखा ओल्ड गोवा का मशहूर चर्च। गांधीजी सर्वधर्म समभाव की भी झलक दिखी।
त्रिपुरा की झांकी में भी दिखे गांधीजी। झांकी में मां त्रिपूरा सुंदरी के दर्शन। झांकी में गांधीजी का अर्थशास्त्र भी दिखाया गया।
अंडमान निकोबार की झांकी में सेलुलर जेल की झलक।
महाराष्‍ट्र की झांकी 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन पर केंद्रित।
सिक्किम की झांकी में खेती और पर्यावरण की झलक।
शुरू हुआ झांकियों का सिलसिला, पहली झांकी सिक्किम की।
राजपूताना राइफल्स का दस्ता भी सलामी मंच के सामने पहुंचा। लेफ्टिनेट राजीव चंद्र कर रहे हैं नेतृत्व।
सिख रेजिमेंट ने भी राष्‍ट्रपति कोविंद को दी सलामी, थल सेना में सबसे ज्यादा पदक जीतने वाली रेजिमेंट।
रद्र और ध्रुव भी सलामी मंच के सामने पहुंचे।
राजपथ पर के 9 वज्र ने भी दी सलामी।
युद्धक टैंक बीएमपी 2 भी सलामी मंच पर पहुंचा।
टी 90 टैंक से राष्‍ट्रपति कोविंद को सलामी। यह टैंक पानी पर भी चल सकता है।
सलामी मंच की ओर पहुंचा 61 कैवेलरी का घुड़सवारी दस्ता।
राष्ट्रपति की सुरक्षा में तैनात 61 कैवेलरी का दस्ता सलामी मंच के पास पहुंचा।
राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड शुरू, लेफ्टिनेंट जनरल असित मिस्त्री कर रहे हैं परेड का नेतृत्व।
शहीद लांस नायक नजीर अहमद वानी को मिला अशोक चक्र। आतंक की राह छोड़ सैनिक बने नजीर।
राष्ट्रपति कोविंद ने फहराया तिरंगा, सेना ने दी 21 तोपों की सलामी।
राष्‍ट्रपति कोविंद का काफिला भी समारोहस्थल पर पहुंचे।
समारोह के मुख्य अतिथि और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सीरिल रामाफोसा भी राष्‍ट्रपति के साथ कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे।
राजधानी में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं और परेड स्थल, आस-पास की इमारतों की छतों तथा उनसे लगते क्षेत्रों में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। राजधानी में 50 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं और विजय चौक से लाल किले तक 600 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
- परेड की शुरुआत ठीक दस बजे विजय चौक से होगी और राजपथ तथा इंडिया गेट से होते हुए डेढ़ घंटे बाद इसका समापन लाल किले पर होगा।

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