Thursday, 10 January 2019

कांग्रेस: भाजपा आदिवासी वर्ग विरोधी, विजय शाह को नेता प्रतिपक्ष बनाना था

प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष कमलनाथ के मीडिया समन्वयक नरेन्द्र सलूजा ने कहा है कि जब भाजपा को पता था कि विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में उनका बहुमत नहीं है और उनका जीतना नामुमकिन है फिर भी जानबूझकर उन्होंने आदिवासी वर्ग के विजय शाह को अपना उम्मीदवार खड़ा किया। भाजपा ने आदिवासी वर्ग के विजय शाह को हरवाने के लिये खड़ा कर जानते बूझते हुए उनका अपमान करवाया और मजाक उड़वाया। भाजपा को यह सब पता था और वह इसलिये मतविभाजन से सदन छोड़कर भाग खड़ी हुई।नरेन्द्र सलूजा ने कहा कि भाजपा आदिवासी वर्ग से आने वाले विजय शाह का पूर्व में भी कई बार अपमान कर चुकी है। इससे उसकी आदिवासी विरोधी मानसिकता उजागर होती है। यदि भाजपा को आदिवासी वर्ग की इतनी चिंता थी तो उन्हें गोपाल भार्गव की जगह उन्हें नेता प्रतिपक्ष बनाना था। हारने वाले पद पर आदिवासी वर्ग के विजय शाह को भाजपा प्रत्याशी बनाकर भाजपा किस मुंह से अपने आपको आदिवासी वर्ग हितैषी कह रही है। भाजपा ने विजय शाह को आज सदन में अलग थलग छोड़ दिया और मत विभाजन से भाग खड़ी हुई।सलूजा ने कहा कि आज मत विभाजन से कांगे्रस को मिले 120 मतों से यह स्पष्ट हो गया कि प्रदेश में कांगे्रस की सरकार एक मजबूत सरकार है, अल्पमत की सरकार नहीं है। उसके सामने कोई संकट नहीं है। कांगे्रस सरकार अपने पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा करेगी। भाजपा द्वारा कांगे्रस को लेकर लगातार बयानबाजी की जा रही है कि यह अल्पमत की लंगड़ी सरकार है। भाजपा के इस दुष्प्रचार की असलियत आज विधानसभा अध्यक्ष के चुनाव में मत विभाजन से स्पष्ट हो गयी है।
संख्याबल की पोल खुलने के डर से मतविभाजन से भागी भाजपा: भूपेंद्र गुप्ता
मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष भूपेंद्र गुप्ता ने आज भाजपा द्वारा विधानसभा में उठायी गयी आपत्तियों को हास्यास्पद बताते हुए कहा कि संख्याबल की पोल खुलने के डर से मत विभाजन की प्रक्रिया से भागकर भाजपा ने बहिर्गमन का रास्ता चुना और यह सिद्ध किया है कि भाजपा का लोकतान्त्रिक प्रक्रियाओं में कोई भरोसा नहीं है।गुप्ता ने कहा की भाजपा को स्मरण रहना चाहिए की प्रोटेम स्पीकर के मामले में जिस वरिष्ठता का वे हवाला दे रहे है उसका उल्लंघन तो भाजपा पूर्व में ही श्री के. डी. देशमुख को प्रोटेम स्पीकर बनाकर कर चुकी है। जब श्री देशमुख को प्रोटेम स्पीकर बनाया गया था तब क्या वे सदन के वरिष्ठतम विधायक थे ? यह भाजपा को प्रदेश की जनता को बताना चाहिए।गुप्ता ने कहा कि भाजपा विपक्ष की संख्या गिनाकर बार-बार एक बहुमत के समर्थन की सरकार को डराना बंद करे और लोकतंत्र का आदर कर रचनात्मक प्रतिपक्ष की भूमिका का निर्वाह करे। कमलनाथ जी के नेतृत्व में कांग्रेस मजबूत और स्थिर सरकार के रूप में प्रदेश को विकास मार्ग पर ले जाने के लिए तत्पर है। एक पखवाड़े में ही कमलनाथ सरकार के कर्जमाफी, पुलिस को साप्ताहिक अवकाश, बच्चियों के विवाह अनुदान में 51000 रूपये जैसे एतिहासिक निर्णयों से घबरायी भाजपा इन हथकंडों से अपनी छवि नहीं सुधार सकेगी।

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