Thursday, 31 January 2019

अंतरिम बजट 2019: एक फरवरी को पेश होने वाले आगामी अंतरिम बजट, जानिए आखिर क्यों?

एक फरवरी को पेश होने वाले आगामी अंतरिम बजट से पहले कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड एप्लाइंसेज मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन (CEAMA) ने सरकार से मांग की है कि आयातित तैयार माल पर सीमा शुल्क को बढ़ाया जाए। इसके साथ ही एसोसिएशन ने सरकार से घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए कस्टम उत्पादों को कम करने का भी आग्रह किया है।अगर सरकार अंतरिम बजट में एसोसिएशन की इन मांगों को मान लेती है तो टीवी, एसी और रेफ्रिजरेटर जैसे व्हाइट गुड्स महंगे हो जाएंगे। CEAMA ने सरकार से आग्रह किया है कि महत्वपूर्ण घटकों पर बीसीडी को 10 फीसद से घटाकर 5 फीसद पर लाया जाए, ताकि इन उत्पादों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दिया जा सके। सीईएएमए के अध्यक्ष कमल नंदी ने एक रिपोर्ट के हवाले से कहा, "इससे स्थानीय निर्माताओं को प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सामान बनाने में मदद मिलेगी और एस गुड्स के निर्यात पर टैक्स लाभ के साथ साथ निर्यात को भी बढ़ावा मिलेगा।" एसोसिएशन ने सरकार से यह मांग भी की है कि स्थानीय निर्मित उत्पादों पर सब्सिडी दी जानी चाहिए। सीईएएमए का मानना है कि यह कदम डेवलपर्स के लिए इन उत्पादों को स्थानीय स्तर पर बनाने के लिए एक प्रोत्साहन देने के रूप में काम करेगा। गौरतलब है कि 1 फरवरी 2019 को पेश होने वाला बजट मौजूदा सरकार का आखिरी बजट होगा और यह एक अंतरिम बजट होगा। नई सरकार के गठन के जुलाई महीने में पूर्ण बजट पेश किया जाएगा। इसके साथ ही आर्थिक सर्वेक्षण को पेश किया जाएगा।

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