Wednesday, 30 January 2019

लोकपाल पर अन्ना हजारे ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज, रालेगण में शुरू किया अनशन

समाजसेवी अन्ना हजारे ने एक बार फिर भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई तेज कर दी है. आज अपने गांव रालेगण सिद्धि में लोकपाल की मांग को लेकर अन्ना हजारे अनशन पर बैठ गए हैं. इस बीच उन्होंने महाराष्ट्र सरकार में मंत्री गिरिश महाजन को रालेगण सिद्धि आने से मना कर दिया है. बता दें कि अन्ना हजारे द्धारा अनशन करने के ऐलान के बाद से गिरिश महाजन दो बार रालेगण का दौरा कर चुके हैं अन्ना ने कहा कि बीजेपी की सरकार चाहे राज्य में हो या केंद्र में, वे बड़ी बातें और झूठे वादे कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस बार अनशन तब तक चलेगा जब तक बीजेपी सरकार लोकपाल की नियुक्ती और स्वामीनाथन कमीशन के सुझाव को लागू नहीं करती अन्ना के मुताबिक गिरिश महाजन ही वह मंत्री हैं जो पिछले साल 23 मार्च को दिल्ली में मेरा अनशन तुड़वाने आए थे. 9 महीने हो गए लेकिन कुछ नहीं हुआ. प्रधानमंत्री कार्यालय ने लिखित आश्वासन भी दिया लेकिन पालन नहीं हुआ, सिर्फ आंकड़ों पर क्या होगा लोकपाल लागू करने की मांग करते हुए अन्ना हजारे आज एक बार अनशन पर बैठ गए हैं. इस बार अनशन की जगह राजधानी दिल्ली नहीं बल्कि अन्ना का गांव रालेगण सिद्धि है.
अब तक कहां पहुंचा लोकपाल बिल?
लोकपाल विधेयक राज्यसभा में 17 दिसंबर, 2013 में पारित हुआ था और लोकसभा में इसे 18 दिसंबर, 2013 को पारित कर दिया गया था. राष्ट्रपति ने एक जनवरी, 2014 को लोकपाल और लोकायुक्त कानून पर अपनी मुहर लगा दी जा चुकी है

No comments:

Post a comment

Note: only a member of this blog may post a comment.