Monday, 4 June 2018

गन्ना किसानों का , 8,000 करोड़ रुपये का पैकेज हो सकता है

गन्ना किसानों का , 8,000 करोड़ रुपये का पैकेज हो सकता है

किसानों का गन्ना बकाया 22,000 करोड़ रुपये से अधिक हो जाने से चिंतित सरकार नकदी की तंगी से जूझ रही चीनी मिलों के लिए 8,000 करोड़ रुपये से अधिक का राहत पैकेज घोषित कर सकता है किसानों का भुगतान जल्द से जल्दी किया जा रहा है. सूत्रों ने कहा कि कल इस संबंध में आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडली समिति (सीसीईए) की बैठक में कोई निर्णय लेने की संभावना है. पिछला महीना सरकार ने गन्ना किसानों के लिए 1500 करोड़ रुपये की उत्पादन से संबद्ध सब्सिडी की घोषणा की थी गन्ना बकाये के भुगतान के लिए चीनी मिलों की मदद की जा रही है. चीनी मिलें गन्ना उत्पादक का भुगतान करने में असमर्थ हैं क्योंकि चीनी उत्पादन वर्ष 2017-18 (अक्टूबर - सितंबर) में अब तक 3.16 करोड़ टन के रिकॉर्ड उत्पादन के बाद चीनी मूल्यों में तेजी से गिरावट आने से उनका वित्त हालत कमजोर बनी हुई है.
देश के सबसे बड़े गन्ना उत्पादक राज्य, उत्तर प्रदेश में ही किसानों का अकेले 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना बकाया है. सूत्रों के मुताबिक, चीनी मिलों द्वारा किसानों की बकाया राशि का भुगतान हो सकता है इसके लिए सरकार ने कई उपाय किए हैं. उन्होंने कहा, "8,000 करोड़ रुपये का एक राहत पैकेज उपलब्ध है." खाद्य मंत्रालय ने 30 लाख टन चीनी के बफर स्टॉक बनाने का प्रस्ताव दिया है. उन्होंने कहा कि चीनी स्टॉक बनाने के लिए लागत की लागत सरकार द्वारा किया जाता है, जिसका कारण राजकोष पर करीब 1,300 करोड़ रुपये का बोझ आने का अनुमान है. बफर स्टॉक बनाने के लिए, खाद्य मंत्रालय ने 30 दैनिक प्रति किलो का न्यूनतम एक्स - मिल बिक्री मूल्य तय करने के लिए, मासिक चीनी जारी करने की व्यवहार्यता पुन: लागू करने के लिए और प्रत्येक मिल के लिए कोटा तय कर मिल्स पर स्टॉक रखने की सीमा तय करने का प्रस्ताव किया है.
संकटग्रस्त चीनी उद्योग की मदद के लिए, पेट्रोलियम मंत्रालय ने इथेनॉल की नई क्षमता के विस्तार और निर्माण के लिए चीनी मिलों को 4,500 करोड़ रुपये पर छह प्रतिशत ब्याज सब्सिडी का प्रस्ताव दिया गया है. यह योजना चीनी मिलों को ऋण चुकाने के लिए पांच साल का समय प्रदान करता है. सूत्रों ने कहा कि केवल ब्याज सब्सिडी के कारण सरकार को 1,200 करोड़ रुपये का बोझन करना करना होगा. पेट्रोलियम मंत्रालय इथेनॉल मूल्य वृद्धि के बारे में भी सोच रहा है कि चीनी मिल मिल जल्द से जल्द किसानों को भुगतान कर सकें.

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