Monday, 4 June 2018

4 बैंकों के मर्जर की तैयारी SBI की तर्ज पर

4 बैंकों के मर्जर की तैयारी SBI की तर्ज पर

देश में खस्ताहाल सरकारी बैंकिंग ढांचे को दुरुस्त करने के लिए केंद्र सरकार 4 सरकारी बैंकों के मर्जर प्लान पर काम कर रही है. इस फैसले से जहां देश में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के बाद दूसरा सबसे बड़ा सरकारी बैंक तैयार होगा वहीं केंद्र सरकार के लिए बोझ बन चुके खस्ताहाल बैंक इस मर्जर के बाद अपने पैर पर खड़े हो सकेंगे.
केंद्र सरकार की तैयारी के मुताबिक एक और बड़ा सरकारी बैंक बनाने की कवायद में आईडीबीआई, सेंट्रल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का मर्जर किया जाएगा. इन चारों बैंकों के मर्जर के बाद तैयार होने वाले नए बैंक की कुल संपत्ति 16.58 लाख करोड़ रुपये आंकी जा रही है. गौरतलब है कि इन बैंकों का विलय सरकार के लिए इसलिए भी जरूरी हो गया है क्योंकि 2018 में इन चारों बैंकों का कुल घाटा लगभग 22 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.
एनपीए के बोझ तले दबे सरकारी बैंकों के लिए इस मर्जर प्लान को केंद्र सरकार इसलिए भी तरजीह दे रही है क्योंकि जहां अलग-अलग चारों बैंकों को घाटे के दौर से गुजरना पड़ा रहा है. मर्जर के बाद नए बैंक में सबसे कमजोर कड़ी अपनी संपत्ति आसानी से बेच सकेगी और घाटे की भरपाई की प्रक्रिया को शुरू कर सकेगी.
इसके अलावा, कमजोर बैंक अपने संचालन घाटे को कम करने के लिए उन ब्रांचों को आसानी से बंद करने का फैसला ले पाएगी जहां उसे सबसे ज्यादा घाटा उठाना पड़ा रहा है. गौरतलब है कि मर्ज हुए अन्य बैंक उन क्षेत्रों में अपनी शाखाओं को जारी रखते हुए विस्तार कर सकेंगे वहीं खस्ताहाल बैंक अपनी शाखा को बंद कर सकेंगे.

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