Friday, 18 May 2018

कर्नाटक से दूर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में राहुल ने फूंका चुनावी बिगुल


कर्नाटक से दूर कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में राहुल ने  फूंका चुनावी बिगुल

कर्नाटक में शनिवार को शक्ति परीक्षण है। जहां कांग्रेस और भाजपा के बीच सदन में बहुमत के लिए जोर आजमाइश होगी। इसी बीच कर्नाटक की राजनीतिक हलचल से दूर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पार्टी का जनाधार बढ़ाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। राहुल गांधी ने इसी क्रम में शुक्रवार को भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में रोड शो कर हजारों जनता का ध्यान अपनी और पार्टी की ओर खींचा। यहां बता दें कि नवंबर 2018 में इस राज्य में विधानसभा चुनाव होना है। 
कर्नाटक में कल होने वाले शक्ति परीक्षण पर पूरे देश की नजर है। इसके चलते भारतीय जनता पार्टी और काग्रेस-जेडीएस की साख भी दांव पर लगी है। देश के दिग्गज नेता कल होने वाले शक्ति परीक्षण के लिए जोड़तोड़ की कोशिश में लगे हैं। लेकिन उधर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक से दूर छत्तीसगढ़ के दुर्ग में रोड शो कर रहे हैं।
राहुल गांधी ने छत्तीसगढ़ में होने वाले चुनाव के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। राहुल गांधी ने अपने अंदाज में चुनाव प्रचार शुरू कर दिया है। वह राज्य में संकल्प यात्रा निकाल रहे हैं। लोगों से जनसंपर्क कर रहे हैं। इस दौरान उनके साथ कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष भूपेश बघेल भी हैं।
बता दें कि कर्नाटक में मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा के शपथ ग्रहण के बाद सुप्रीम कोर्ट में आज कांग्रेस और जेडीएस की याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस सीकरी, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस बोबडे की तीन जजों की बेंच ने मामले की सुनवाई करते हुए शनिवार शाम चार बजे विधानसभा में बहुमत परीक्षण कराने का आदेश दिया। इस फैसले के बाद बीजेपी को बहुमत साबित करने के लिए अब 14 दिनों का समय नहीं मिलेगा। सबसे पहले बीजेपी की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को वह लेटर उपलब्ध कराया गया जिसे येदियुरप्पा की तरफ से राज्यपाल को भेजा गया था।
बीजेपी के वकील मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट से बहुमत परीक्षण के लिए सोमवार तक का वक्त मांगा था लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने देने से इनकार कर दिया। कांग्रेस की तरफ से वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि फ्लोर टेस्ट की वीडियोग्राफी हो और विधायकों को सुरक्षा मिलनी चाहिए ताकि वह वोट कर सकें। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधानसभा में एंग्लो-इंडियन सदस्य की नियुक्ति पर भी रोक लगा दी है।
कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की तरफ से एक और याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई थी। ये याचिका एंग्लो-इंडियन विधायक के चुनाव के विरोध में दायर की गई थी। याचिका में सीएम बीएस येदियुरप्पा के सदन में बहुमत साबित करने तक एंग्लो इंडियन विधायक मनोनीत किए जाने पर रोक लगाने की मांग की गई थी।    

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