Thursday, 22 March 2018

सदन में विधानसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश,


सदन में विधानसभा अध्यक्ष के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पेश


विधानसभा अध्यक्ष द्वारा विधानसभा की कार्यवाही निष्पक्षता पूर्वक नहीं करने पर विपक्ष ने उनके विरुद्ध सदन में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह का कहना है कि सदन की कार्यवाही संसदीय कार्यमंत्री के निर्देश और सरकार के दबाव पर चल रही है। नियमों को ताक पर रख दिया गया है। स्पीकर तानाशाह की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने बजट सत्र के दौरान विभागों की बजट अनुदान मांगों पर चर्चा कराए बिना विपक्ष की अनदेखी कर उसे पारित करा दिया। इससे उनकी निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
-बता दें कि 20 मार्च को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने मंत्री रामपाल सिंह राजपूत की बहू की आत्महत्या के मामले में स्थगन प्रस्ताव बुलाकर चर्चा कराने की मांग रखी थी। उन्होंने अध्यक्ष से अनुमित देने का अनुरोध किया था, लेकिन संसदीय कार्यमंत्री और सहित सत्तापक्ष के कई मंत्रियों के दबाव पर नेता प्रतिपक्ष को नहीं सुना गया। जबकि नियमानुसार, नेता प्रतिपक्ष अगर सदन में बोल रहे हैं तो सदस्यों को सुनना चाहिए, साथ ही विधानसभा अध्यक्ष को सदस्यों को नियंत्रित रखना चाहिए।
नेता प्रतिपक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
नेता प्रतिपक्ष ने पीडब्ल्यूडी मिनिस्टर रामपाल सिंह राजपूत पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। अगर मंत्री पहले प्रीति रघुवंशी को बहू स्वीकार कर लेते तो वह आत्महत्या नहीं करती और उसकी जान बचाई जा सकती थी। मंत्री और उनके बेटे गिरजेश सिंह राजपूत के खिलाफ एफआईआर दर्ज करें। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रीति रघुवंशी का परिवार दहशत में है। पीड़ित परिवार को सुरक्षा नहीं दी जा रही है। अब तक रिपोर्ट नहीं लिखी गई।
-बवाल होने के बाद बहू स्वीकार कर रहे हैं, क्या इतना कहने से लड़की जान वापस आ जाएगी। इधर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भोपाल में हंगामा किया और मंत्री व उनके बेटे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के साथ उन्हें मंत्री पद से हटाया जाए।

No comments:

Post a comment

Note: only a member of this blog may post a comment.