Thursday, 1 February 2018

राजनैतिक जुमलों के बाद देश को अब आम बजट में आंकड़ों के जुमलों से भी ठगा: अरूण यादव

राजनैतिक जुमलों के बाद देश को अब आम बजट में आंकड़ों के जुमलों से भी ठगा: अरूण यादव


प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री अरूण यादव ने वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली द्वारा आज प्रस्तुत आम बजट वर्ष-2018 को किसान, गरीब, मध्यमवर्गीय, महिलाओं, कर्मचारियों, बेरोजगारों और नौजवानांे के लिए हताशाजनक बजट बताते हुए कहा कि यह बजट राजनैतिक जुमलों के बाद अब आंकड़ों के जुमलों से देश को ठगने वाला बजट है। इससे राजकोषिय अनुशासन भी प्रभावित होगा। श्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में प्रतिवर्ष 2 करोड़ युवाओं को नौकरियां देने का वायदा किया था, जिसे घटाकर वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली ने इस बजट में 70 लाख ‘‘नौकरियां पैदा करने’’ का वायदा किया है, जो मोदी सरकार के झूठ-फरेब का सीधा प्रमाण है।  
श्री यादव ने पेट्रोल-डीजल पर भी बजट में पहले प्रतिलीटर 02 रू. कम करने और यह कम की गई कीमत को रात 12 बजे से लागू किये जाने की घोषणा के बाद इससे पलटते हुए 2 रू. सेस लगा दिये जाने की घोर निंदा करते हुए कहा कि बजट में की गई घोषणा को कुछ ही घंटों बाद बदल दिया जाना तुगलकी निर्णय कहा जायेगा। श्री यादव ने बजट में आयकर का स्लेब नहीं बदलने और किसानों के कर्ज हेतु 11 लाख करोड़ रूपयों का फंड रखे जाने पर भी आपत्ति जताते हुए कहा कि आयकर स्लेब नहीं बदलने से आम आदमी को कोई राहत न मिलने से वे नाखुश हैं, वहीं बजट में किसानों के कर्ज माफ करने की अपेक्षा उनके कर्ज के लिए राशि सुनिश्चित की गई है, जो आश्चर्यजनक है। इसी के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य पर सेस 3 से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया जाना भी निंदनीय है। 

श्री यादव ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, रेल्वे सुरक्षा, पेयजल जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी सुविधाओं पर बजट में आवंटित राशि के प्रावधानों को बहुत ही अपर्याप्त बताते हुए कहा कि यह राशि ‘‘ऊंट के मुंह में जीरा’’ है, इतनी राशि तो सिर्फ भ्रष्टाचार की ही बलि चढ़ जायेगी। कुल मिलाकर बजट निराशा, हताशा और अविश्वास का प्रतिबिम्ब है।

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