Friday, 19 January 2018

250 से ज्यादा पैथोलॉजी लैब, पंजीयन सिर्फ 105 का

250 से ज्यादा पैथोलॉजी लैब, पंजीयन सिर्फ 105 का


जहां-तहां खुली फर्जी पैथोलॉजी लैब के खिलाफ इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजिस्ट एंड माइक्रोबायोलॉजिस्ट ने मुहिम शुरू कर दी है। पहले चरण में शुक्रवार को एसोसिएशन ने सीएमएचओ को ज्ञापन सौंपकर इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
एसोसिएशन की मप्र शाखा के अध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता और उपाध्यक्ष शिखा घनघोरिया ने बताया कि मुहिम पूरे प्रदेश में एक साथ चलेगी। इंदौर में सिर्फ 105 पैथोलॉजी लैब रजिस्टर्ड हैं, लेकिन यहां 250 से अधिक संचालित हो रही हैं। इनसे जारी होने वाली रिपोर्ट पर पैथोलॉजी विषय में पीजी डिग्री हासिल कर चुके डॉक्टर के हस्ताक्षर होना चाहिए, लेकिन फर्जी लैब से जारी होने वाली रिपोर्ट पर ऐसे लोग भी साइन कर रहे हैं, जिनके पास डिग्री ही नहीं है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने इस संबंध में स्पष्ट फैसला भी जारी किया है। इसके बावजूद फर्जी लैब के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
आईएमए से भी लगाई है गुहार
डॉ. घनघोरिया ने बताया एसोसिएशन ने इस संबंध में आईएमए से भी गुहार लगाई है। कई बार डॉक्टर ही मरीज को फर्जी लैब से जांच कराने के लिए कहते हैं। हमने आईएमए से मांग की है कि ऐसे डॉक्टरों को समझाइश दें, ताकि फर्जी लैब बंद हो सके।
चार साल पहले चली थी मुहिम

फर्जी पैथोलॉजी लैब को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले भी अभियान चला चुका है। पूर्व संयुक्त संचालक डॉ. शरद पंडित ने संभाग में चल रही 200 से ज्यादा फर्जी लैब के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद ये बंद हो गई थीं, लेकिन कार्रवाई बंद होते ही ये फिर शुरू हो गईं।

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