Friday, 24 November 2017

शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकने किसी भी हद तक जाउंगी : मायावती

शिवराज सरकार को उखाड़ फेंकने किसी भी हद तक जाउंगी : मायावती
- शुक्रवार को कार्यकर्ता महासम्मेलन को संबोधित किया

उत्तरप्रदेश में सत्ता से बाहर होने के बाद बहुजन समाज पार्टी ने मध्यप्रदेश में अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। पार्टी को विस्तार देने के उद्देश्य से बसपा सुप्रीमो मायावती शुक्रवार को भोपाल पहुंची और यहां कार्यकर्ता को संबोधित किया। मायावती ने इस दौरान भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और कार्यकर्ताओं को संकल्प दिलाया कि आने वाले चुनावों में भाजपा सरकार को सत्ता से हटाने के लिए कृत संकल्पित हैं और भाजपा को दोबारा सत्ता में आने से रोकने के लिए किसी भी हद तक जाना पड़े तो चले जाएं।
इस मौके पर राम मंदिर पर बोलते हुए कहा कि भाजपा राम मंदिर के मुद्दे पर यहां फिर सत्ता हासिल करने के सपने देख रही है, लेकिन राम मंदिर बनने से दलितों का कोई फायदा नहीं होने वाला है। भाजपा की मंशा साफ है कि वह राम मंदिर के मुद्दे पर देश और प्रदेश में शासन करना चाहती है, लेकिन हम उसकी यह मंशा पूरी नहीं होने देंगे और मप्र की भाजपा सरकार को आगामी चुनाव में सत्ता से बाहर करना है।
इसके पूर्व लाल परेड ग्राउंड पर बसपा कार्यकर्ताओं के महासम्मेलन में प्रदेश भर के हजारों लोग शामिल हुए। हालांकि, मायावती गुरुवार की रात में ही भोपाल पहुंच गई थीं और उन्होंने यहां पार्टी कार्यकर्ताओं से पहले प्रदेश की राजनीति पर चर्चा की और शुक्रवार को सुबह महासम्मेलन में भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए डॉ. अबेंडकर को अपना आदर्श मानकर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि उत्तरप्रदेश में जिस तरह पार्टी ने कांशीराम के नेतृत्व में अपनी पकड़ मजबूत की और वहां सरकार बनाई, उसी तरह मध्यप्रदेश में भी बसपा अपना विस्तार करेगी और यहां भी अपनी सरकार बनाएगी।

उल्लेखनीय है कि उत्तरप्रदेश में करारी हार के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती यूपी के स्थानीय निकाय चुनावों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने और मध्यप्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में पार्टी का मजबूती देने के उद्देश्य से राजधानी भोपाल पहुंची हैं और उन्होंने यहां मध्यप्रदेश और यूपी निकाय चुनावों को ध्यान में रखकर कार्यकर्ताओं में जोश भरने का प्रयास किया। बात दे कि इसके पहले अरविंद केजरीवाल ने भी विगत पांच नवम्बर को प्रदेश में चुनावी शंखनाद रैली को संबोधित कर पार्टी को विस्तार देने का प्रयास किया था। अब देखने वाली बात यह होगी कि दोनों के इन सम्मेलनों से दोनों पार्टियां प्रदेश में कितना विस्तार कर पाती हैं।

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