Wednesday, 6 September 2017

एच-1 एन-1 परीक्षण की खुलेंगी नई लैब

एच-1 एन-1 परीक्षण की खुलेंगी नई लैब


लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  रुस्तम सिंह ने प्रदेश में स्वाइन फ्लू जाँच लैब प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों में खोलने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने कहा है कि इससे जाँच में विलंब नहीं होगा और तत्काल इलाज शुरू किया जा सकेगा। अभी यह लैब जबलपुर, ग्वालियर और एम्स भोपाल में है।  सिंह ने यह निर्देश आज स्वाइन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया और विभागीय गतिविधियों की समीक्षा करते हुए दिये। बैठक में प्रमुख सचिव आयुष मती शिखा दुबे, प्रमुख सचिव महिला-बाल विकास  जे.एन. कंसोटिया, स्वास्थ्य आयुक्त मती पल्लवी जैन, स्वास्थ्य सचिव  कवीन्द्र कियावत, स्वास्थ्य संचालक डॉ. के.एल. साहू, डॉ. के.के. ठस्सू, डॉ. बी.एन. चौहान और डॉ. जे.एल. मिश्रा भी मौजूद थे।

 रुस्तम सिंह ने कहा कि चिकित्सकों की मुख्य भूमिका व्यक्ति के अस्वस्थ होने के बाद शुरू होती है। स्वाइन फ्लू में इलाज में देरी घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जनपद पंचायत, आशा एवं उषा कार्यकर्ता जन-जन को जागरूक करें और प्रभावित होने पर अस्पताल पहुँचाएं।  सिंह ने कहा कि स्वाइन फ्लू असाध्य बीमारी नहीं है बशर्ते मरीज वक्त रहते चिकित्सक से परामर्श प्राप्त करें। स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश के अस्पतालों में टेमीफ्लू, ऑक्सीमीटर, ट्रिपल लेयर मास्क, एन-95 मास्क, परीक्षण लैब, उपकरण आदि की भी अद्यतन जानकारी ली।  सिंह ने स्वाइन फ्लू और साधारण फ्लू में अंतर और इससे बचाव की जानकारी का लोगों में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये।

 सिंह ने कलेक्टरों से कहा है कि सभी सरपंच आज से ही ग्रामसभा में स्वाइन फ्लू के इलाज और बचाव की जानकारी देना शुरू करें।  सिंह ने कहा कि प्रदेश में 56 हजार आशा कार्यकर्ता हैं। इनके माध्यम से घर-घर में स्वाइन फ्लू, डेंगू, चिकनगुनिया बीमारी, लक्षण, रोकथाम के उपाय, इलाज आदि के पोस्टर बँटवायें। आशा कार्यकर्ता पोस्टर के माध्यम से ग्रामीणों को समझाइश देंगी।

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