Friday, 22 September 2017

मुंबई उच्च न्यायालय ने रिलायंस जिओ को दिया जोर का झटका



मुंबई उच्च न्यायालय  ने रिलायंस जिओ को दिया जोर का झटका

मुंबई उच्च न्यायालयाने सीसीआई के उस आदेश को निरस्त कर दिया है जिसमें व्यापार नियामक ने आरोपों को सुनिश्चित करने के लिए महा निदेशालय स्तर की जांच का आदेश दिया था। इस आदेश में मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली जियो के प्रवेश को सफल बनाने के प्रयास में दूरसंचार कंपनियों के एक समूह पर आरोप लगाया गया था, उनके पास पर्याप्त मात्रा में पॉइंट ऑफ इंटरकनेक्ट पीओआई हैं, उनके द्वारा रिलायंस जिओ को उपलब्ध नहीं कराए जा रहे हैं।
सीसीआई के आदेश के खिलाफ एयरटेल वोडाफोन आइडिया ने मुंबई हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। इसकी सुनवाई करते हुए मुंबई उच्च न्यायालय ने सीसीआई के आदेश को नियम विरुद्ध मानते हुए निरस्त कर दिया है।
उल्लेखनीय है रिलायंस जियो ने इस मुद्दे पर ट्राई के पास शिकायत दर्ज कराई थी नियामक ने तीन दूरसंचार कंपनियों जिनमें भारती एयरटेल वोडाफोन और आईडिया सेल्यूलर के खिलाफ लाइसेंस की शर्तों को पूरा करने में विफल होने पर 3050 करोड रूपए जुर्माने लगाने का सुझाव दिया था। इसे हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया है।

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