Friday, 8 September 2017

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार एवं मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना बच्चों के लिये संजीवनी

मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार एवं मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना बच्चों के लिये संजीवनी



मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना और मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना प्रदेश में बच्चों को नया जीवन देने में संजीवनी प्रमाणित हो रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने जिलों में शीघ्र हस्तक्षेप केन्द्र के माध्यम से इन योजनान्तर्गत हृदय एवं श्रवण की समस्याओं से जूझ रहे बच्चों तक पहुंचकर उन्हें लाभान्वित करने का बीड़ा उठाया है।

मास्टर अथर्व को हृदय रोग और श्रवण समस्या से मिली मुक्ति
उज्जैन के मास्टर अथर्व भावसार को मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना से पैदायशी हृदय रोग समस्या से निजात मिली है। मास्टर अथर्व ने स्वस्थ होकर 19 दिसम्बर 2016 को अपना पहला जन्म-दिन मनाया है। इसके बाद 2 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री बाल श्रवण योजना से श्रवण समस्या से भी पूर्णत: मुक्त हो गये हैं मास्टर अथर्व भावसार।

मास्टर अथर्व भावसार को जन्म-दिन 19 दिसम्बर 2015 से ही हृदय में सामान्य रक्त संचार और श्रवण की समस्या से जूझना पड़ा। जन्म के समय अथर्व की रोने की आवाज सुनाई न देने पर माता-पिता के चेहरे पर चिंता की लकीरें उभर आई थीं। परेशानियां उस समय और बढ़ गयीं जब जन्म के 5 दिन बाद अथर्व का शरीर नीला पड़ने लगा। निजी चिकित्सालय में चिन्हांकित करने पर पता लगा कि अथर्व के हृदय को सामान्य रूप से रक्त का संचार नहीं हो रहा था। परिवार द्वारा स्वयं के व्यय पर दो माह तक इलाज करने पर भी कोई सकारात्मक परिणाम प्राप्त नहीं हुए।

मास्टर अथर्व के पिता श्री नितिन भावसार ने शासन द्वारा संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत मोबाईल हेल्थ टीम से सम्पर्क किया। टीम ने मास्टर अथर्व की बीमारी से संबंधित रिपोर्ट देखी और वरिष्ठ चिकित्सकों से परामर्श के बाद मास्टर अथर्व को नारायणा हृदयालय बैंगलोर में उपचार किया जाना तय किया। जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रयास से दिनांक 28 अप्रैल 2016 को मास्टर अथर्व की मुख्यमंत्री बाल हृदय उपचार योजना के अन्तर्गत सफल सर्जरी की गयी। मास्टर अथर्व ने पूर्णत: स्वस्थ हो कर अपना पहला जन्म-दिन मनाया।

मास्टर अथर्व भावसार के माता-पिता को एक दिन अचानक पता चला कि ये सुन भी नहीं सकता है। तब अथर्व के पिता श्री नितिन भावसार ने डीईआईसी से संपर्क कर पुन: दिव्य एडवांस ईएनटी क्लीनिक भोपाल आकर जाँच करवाई। इलाज के लिए रुपये 6 लाख 50 हजार का इस्टीमेट बना। फिर 2 जुलाई 2017 को मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना के अन्तर्गत मास्टर अथर्व का कॉक्लियर इम्पलांट का आपरेशन सफलतापूर्वक हो गया। अभी अथर्व की नियमित स्पीच थैरेपी चल रही है। एक ही बच्चे की दो सर्जरी बाल हृदय एवं काल श्रवण सफल होना अपने आप में चमत्कार है।

मास्टर अथर्व की माँ श्रीमती नीना भावसार और पिता श्री नितिन भावसार ने मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा संचालित योजना को सराहनीय कदम बताया है एवं जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिये गये सहयोग के लिये हृदय से प्रसन्नता जाहिर की है।

मुस्कान के माता-पिता के चेहरे पर आई मुस्कान

यह कहानी उस बच्ची की है जिसके माता-पिता एक छोटी-सी बस्ती कुष्ठधाम की एक छोटी-सी झोपड़ी में रहकर मजदूरी करके अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। मुस्कान के पिता रमेश को मुस्कान के दो वर्ष की होने तक पता नहीं चल पाया कि ये सुनती और बोलती नहीं है। जैसे-जैसे उसकी उम्र बढ़ती गयी माता-पिता की चिंता बढ़ गयी। जिला अस्पताल उज्जैन में चिकित्सकों से जाँच कराने पर पता चला कि ये तो जन्म से ही सुन-बोल नहीं सकती। इसलिये मुस्कान की सर्जरी होगी।

गरीबी के कारण माता-पिता को मुस्कान का उपचार असंभव लगने लगा है। तभी वो आरबीएसके टीम के संपर्क में आये। टीम द्वारा उन्हें डीईआईसी रैफर किया गया। डीईआईसी टीम द्वारा परामर्श दिया गया एवं दिव्य एडवांस अस्पताल भेजकर सारी जाँच करवाई गयी। इलाज के लिये 6 लाख 50 हजार रुपये का इस्टीमेट बना। डीईआईसी द्वारा आवश्यक प्रमाण-पत्र लेकर फाईल तैयार की गयी एवं राशि स्वीकृत कर 2 जुलाई 2017 को मुस्कान का सफल ऑपरेशन हुआ।

मुस्कान के पूरे परिवार की मासिक आय 5000 रुपये भी नहीं है। ऐसी स्थिति में मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना द्वारा 6 लाख 50 हजार रुपये की राशि स्वीकृत कर ऑपरेशन कराया गया जो किसी चत्मकार अथवा वरदान से कम नहीं है। अब मुस्कान सुन सकती है। अभी मुस्कान की नियमित स्पीच थैरेपी चल रही है। मुस्कान के माता-पिता बच्ची को मिले नये जीवन के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान को दिल से दुआएं दे रहे हैं। इन्होंने मुख्यमंत्री बाल श्रवण उपचार योजना को समाज के गरीब एवं आर्थिक रूप से पिछड़े तथा कमजोर परिवारों के लिये जीवनदायनी संजीवनी बताया है।

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