Thursday, 7 September 2017

मुख्यमंत्री चौहान स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की कार्यशाला में

मुख्यमंत्री  चौहान स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 की कार्यशाला में 


मुख्यमंत्री  शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के शहर अर्थव्यवस्था के ईंजन बनें। प्रदेश के शहर अधोसंरचना, शुद्ध पेयजल, कचरा प्रबंधन, सीवेज प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में अग्रणी बनें। इन सारे प्रयासों में गरीबों के लिये बेहतर व्यवस्था की जाये। हमारे शहर ऐसे बनाये कि दुनिया के लोग देखने आयें। मुख्यमंत्री  चौहान आज यहाँ स्वच्छ सर्वेक्षण-2018 ‘नगरों को स्वच्छ बनाने की पहल’ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यशाला में स्वच्छ सर्वेक्षण-2017 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के महापौर-अध्यक्ष, आयुक्त तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों को पुरस्कृत किया।

मुख्यमंत्री  चौहान ने कहा कि प्रदेश के हर शहर की अपनी विशेषता है। शहर की पहचान जनता के गर्व से जुड़े जाये, ऐसे प्रयास करें। पर्यावरण को बचाने के लिये पॉलीथिन के दुरूपयोग के बारे में जनता को जागरूक करें। शहरों में पॉलीथिन के विकल्प तैयार हों। आने वाली पीढ़ी के लिये बेहतर पृथ्वी छोड़कर जायें। शहरों में पेड़ लगायें और नदियों को स्वच्छ रखें। आने वाले तीन वर्षों में नगरीय विकास के लिये 85 हजार करोड़ रूपये खर्च किये जायेंगे। शहरी पेयजल योजना में सभी 378 शहरों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जायेगी। कचरे के प्रबंधन के लिये प्रदेश में 26 क्लस्टर बनाये गये हैं। अब शहरों में कचरे से जैविक खाद और बिजली बनाई जायेगी।

मेरा प्रण-मेरा शहर नंबर एक अभियान फिर से शुरू होगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी शहरों में मेरा प्रण-मेरा शहर नंबर एक अभियान फिर से शुरू किया जाये। शहरों के हर गली-मोहल्ले में स्वच्छता की अलख जगे। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस आगामी 17 सितम्बर से यह अभियान शुरू किया जाये। स्वच्छता हमारे जीवन का अंग बनें इसका मिशन चलायें। लोगों को स्वच्छता के लिये जागरूक करें। शहरों में फेरी वालों के लिये हॉकर्स कॉर्नर बनायें। शहरी क्षेत्रों में गरीब फेरीवालों से वसूली की व्यवस्था नहीं चलेगी। सभी नगरीय निकायों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान चलायें। नागरिक सेवाओं की व्यवस्थाओं का सरलीकरण किया जाये। गरीबों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध करायें। पन्नी बिनने वाले बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था सभी नगरीय निकाय करें। स्वच्छ सर्वेक्षण–2017 में हासिल उपलब्धियाँ समाज की मानसिकता में परिवर्तन का परिणाम हैं। इसके लिये सभी नगरीय निकायों ने परिश्रम किया हैं। टीम मध्यप्रदेश की इस उपलब्धि पर हमें गर्व है। अब चुनौती है कि स्वच्छता सर्वे-2018 में हमारे अधिक से अधिक नगरीय निकाय सफल हों। इसकी तैयारी शुरू करें। विचार से संकल्प, संकल्प से दृढ़ निश्चय फिर कठोर परिश्रम से संकल्प साकार होता है। अब प्रतिस्पर्धा मध्यप्रदेश के शहरों में हो कि कौन देश में सबसे स्वच्छ शहर बनेगा।

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री  माया सिंह ने कहा है कि स्वच्छता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। नागरिकों को बेहतर सेवा देना लक्ष्य है। स्वच्छ सर्वे में मूल्यांकन नागरिकों के द्वारा किया जाता है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि अगले स्वच्छ सर्वे – 2018 में और बेहतर परिणाम लायें।

प्रमुख सचिव नगरीय विकास  मलय वास्तव ने कहा कि स्वच्छ सर्वे – 2018 आगामी 4 जनवरी से होगा। इसके लिये सभी शहर अभी से प्रयास करें। इंदौर देश के दूसरे शहरों के लिये स्वच्छता के क्षेत्र में उदाहरण बना है। आयुक्त नगरीय विकास  विवेक अग्रवाल ने स्वागत भाषण देते हुये कहा कि नगरीय विकास स्वच्छता में मध्यप्रदेश देश में अग्रणी है। प्रदेश के सभी 378 नगरीय निकाय अगले स्वच्छ सर्वे में पहले 500 में रहेंगे।

स्वच्छ सर्वे – 2017 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले सम्मानित
मुख्यमंत्री  चौहान ने कार्यक्रम में स्वच्छ सर्वे–2017 में बेहतर प्रदर्शन करने वाले नगरीय निकायों के महापौर-अध्यक्ष, आयुक्त-मुख्य नगर पालिका अधिकारी और संचालनालय से नियुक्त नोडल अधिकारियों को पदक और ट्राफी देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री  चौहान ने नगर निगम इंदौर, भोपाल, उज्जैन, नगर पालिका खरगौन, नगर निगम जबलपुर, सागर, कटनी, ग्वालियर, नगर पालिका ओंकारेश्वर, नगर निगम रीवा, रतलाम, सिंगरौली, छिन्दवाड़ा, नगर पालिका सीहोर, नगर निगम देवास, नगर पालिका होशंगाबाद, पीथमपुर, नगर निगम खण्डवा, नगर पालिका मंदसौर, नगर निगम सतना, नगर पालिका बैतूल और छतरपुर के महापौर-अध्यक्ष, आयुक्त-मुख्य नगर पालिका अधिकारी को सम्मानित किया।

आरंभ में इंदौर महापौर  मालिनी गौड़ और बैतूल नगर पालिका अध्यक्ष  अलकेश आर्य ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम में केन्द्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव  वी.के. जिंदल सहित प्रदेशभर के नगरीय निकायों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। अंत में आभार प्रदर्शन नगरीय स्वच्छता मिशन संचालक  मंजू शर्मा ने किया।

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