Thursday, 28 September 2017

पुनिया कांग्रेस प्रवक्ता ने केन्द्र सरकार पर जमकर बोला हमला



भाजपा ने देश की अर्थव्यवस्था को कर दिया चैपट: 
पुनिया कांग्रेस प्रवक्ता ने केन्द्र सरकार पर जमकर बोला हमला

नोटबन्दी और इसके बाद बिना तैयारी की जीएसटी लगाकर भाजपा ने देश की अर्थव्यवस्था को चैपट कर दिया हैं। जिसके लिये सीधे तौर पर वित मंत्री अरूण जेटली के साथ स्वयंभू प्रधानमंत्री मोदी जिम्मेदार हैं। उक्त प्रतिक्रिया अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता राज्यसभा सांसद डाॅ पीएल पुनिया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व केन्द्रीय वित मंत्री द्वारा देश की वर्तमान आर्थिक व्यवस्था का खुलासा करने पर व्यक्त करते हुए कहा कही।
              उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की आर्थिक हालत पर समयपर मोदी सरकार को सचेत करती रही हैं लेकिन केन्द्र सरकार ने निरन्तर खराब हो रही अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिये अपनी हठवादिता के चलते किसी तरह का प्रयास नही किया जिसके दुष्परिणाम देश के सामने आने लगे हैं, देश के अर्थशास्त्री, आर्थिक मामलों के जानकार देशहित में अपने मन से मोदी का डर निकालकर देश की आर्थिक स्थिति का सच आवाम के सामने रखे क्योंकि आज हम नही भाजपा सरकार के वरिष्ठ नेता पूर्व वित्त मंत्री, उनके सहयोगी दल भविष्य के अंजाम से चिन्तित होकर हकीकत सामने रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह, दुनिया के जाने माने अर्थशास्त्री होने के साथ ही विश्व बैंक, रिजर्व बैंक के गवर्नर और देश के वित मंत्री भी रह चुके हैं लेकिन उन्हें भी देश की अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिये आर्थिक सलाहकार परिषद्् की जरूरत पड़ी थी जिसे उन्होंने डाॅ. सी रंगराजन के नेतृत्व में गठन किया था लेकिन मोदी देश के ऐसे प्रधानमंत्री हुए जिन्होंने अपने साढे तीन वर्षों के कार्यकाल में आर्थिक सलाहकार परिषद्् के गठन की जरूरत ही नही समझी जिसके कारण जल्दबाजी और बिना तैयारी के किये गये नोटबन्दी और जीएसटी के फैसले से देश की अर्थव्यवस्था गिरती गयी और देश आर्थिक संकट से गुजरने लगा और भाजपा के वरिष्ठ नेता पूर्व वित मंत्री श्री सिन्हा के अनुसार केन्द्र सरकार अभी भी देश की आवाम को गुमराह करके जीएसटी की वृद्धि दर 5.7 प्रतिशत बता रही हैं जो वास्तव में 3.7 प्रतिशत हैं जो चिन्ता का विषय हैं। श्री पुनिया ने कहा कि केन्द्र सरकार की नादानी और जल्दबाजी में लिये गये फैसलो के कारण ही आज देश के कृषि क्षेत्र की स्थिति नाजुक बनी हुई हैं किसान आत्महत्या कर रहा हैं औद्योगिक उत्पादन या तो बंद हो गये हैं या बन्दी की कागार पर हैं देश में बेरोजगारों की फौज खडी हो रही हैं, निर्यात की स्थिति भी कही से ठीक नही हैं, नोटबन्दी से आर्थिक अर्थव्यवस्था चरमरा गयी और जीएसटी से देश का व्यापारी वर्ग परेशान हैं। आज केन्द्र की सरकार व उनके प्रधानमंत्री को अपना झूठा अहंकार छोड़कर हकीकत का सामना करके अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिये और ऐसे नाजुक समय में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो देश के अर्थशास्त्री, आर्थिक मामलों के जानकर अपना डर निकालकर जो मोदी सरकार द्वारा पूर्व अर्थशास्त्री विवेक देवराय की अध्यक्षता में आर्थिक सलाहकार परिषद्् का गठन किया गया हैं उनके सदस्यों के साथ न्याय व देशहित में विस्तृत चर्चा करके देश की गिरती हुई आर्थिक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में उचित राय केन्द्र की सरकार को दें।

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