Tuesday, 29 August 2017

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन जायेंगे मोदी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने चीन जायेंगे मोदी


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 5 सितंबर के दौरान ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए चीन के शियामेन की यात्रा पर जायेंगे. विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को इस आशय की जानकारी दी. ब्रिक्स सम्मेलन में मोदी के हिस्सा लेने जाने की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब एक दिन पहले ही डोकलाम के मुद्दे पर भारत और चीन के बीच 73 दिनों से जारी गतिरोध खत्म हो गया था और दोनों देशों ने इस क्षेत्र से अपने सैनिक हटा लिये थे. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि इस दौरान भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को सुलझाने पर भी बात हो सकती है.

इस बीच, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने कहा कि ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, साउथ अफ्रीका) सम्मेलन की सफलता के लिए सभी देश अपनी भूमिका निभायेंगे. सूत्रों के मुताबिक ब्रिक्स सम्मेलन से पहले डोकलाम विवाद सुलझाने के लिए चीन पर काफी दबाव था. जुलाई में जर्मनी के हैम्बर्ग में जी-20 सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के नेताओं की अलग से अनौपचारिक बैठक हुई थी, जिसमें सम्मेलन की तैयारियों और प्राथमिकताओं पर बातचीत हुई थी.

भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा, 'चीन के राष्ट्रपति के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 5 सितंबर के दौरान नौंवे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने चीन के फजियान प्रांत के शियामेन क्षेत्र की यात्रा पर जायेंगे.' चीन की यात्रा पूरी करने के बाद मोदी 5 से 7 सितंबर तक म्यांमार की राजकीय यात्रा पर जायेंगे. वे म्यांमार के राष्ट्रपति यू थिन क्वा के निमंत्रण पर म्यांमार जा रहे हैं. यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली द्विपक्षीय म्यांमार यात्रा होगी. इससे पहले वे 2014 में आसियान शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने म्यांमार की राजधानी गये थे. विदेश मंत्रालय ने बताया कि अपनी म्यांमार यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री आपसी हितों के मुद्दों पर स्टेट काउंसलर आंग सान सू की के साथ चर्चा करेंगे और राष्ट्रपति यू थिन क्वा से मुलाकात करेंगे. इसके अलावा प्रधानमंत्री का यांगून और बेगान में भी कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लेने का कार्यक्रम है.

यह पूछे जाने पर कि क्या चीन ने गतिरोध खत्म करने के लिए डोकलाम में सड़क का काम रोक दिया है जिससे कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन आयोजित हो सके, चीनी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनिंग ने कहा, 'कूटनीतिक माध्यम से मुद्दे का शांतिपूर्ण समाधान संबंधित सभी पक्षों के साझा हितों को पूरा करता है.' हुआ ने कहा, 'यह एक बड़े देश के रूप में चीन की नेकनीयती तथा उसके जिम्मेदार रुख को दर्शाता है. 'उन्होंने कहा कि शिखर सम्मेलन सभी ब्रिक्स देशों का समान ध्येय है और इसकी सफलता सुनिश्चित करने से सभी संबंधित पक्षों के हितों की पूर्ति होगी.

प्रवक्ता ने कहा, 'हम उम्मीद करते हैं कि सभी संबंधित पक्ष शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए भूमिका निभा सकते हैं. हम सभी संबंधित पक्षों से समर्थन एवं समन्वय की उम्मीद करते हैं. 'डोकलाम में सड़क निर्माण के बारे में पूछे जाने पर हुआ ने कहा कि चीन इसे बनाते समय मौसम सहित सभी संबंधित कारकों पर विचार करेगा. उन्होंने कहा, 'सीमा रक्षा, जीवन स्तर में सुधार जैसी आवश्यकताओं को पूरा करने के क्रम में चीन ने सड़क निर्माण सहित अवसंरचना विकास में काफी काम किया है.' हुआ ने दोहराया कि 'चीनी सैनिक डोकलाम इलाके में रहना और गश्त रखना जारी रखेंगे. हम ऐतिहासिक संधियों के साथ अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए काम करना जारी रखेंगे.' वह इस सवाल से बचती नजर आयीं कि क्या चीन भूटान के साथ बात कर रहा है, जिसने डोकलाम में चीनी सैनिकों के सड़क निर्माण पर विरोध जताया है. उन्होंने कहा, 'अब तक हमने भारतीय सैनिकों की अवैध घुसपैठ के मुद्दे का समाधान किया है.'

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